आडवाणी जी को ‘भारत रत्न’ देने की घोषणा से भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ताओं का बढ़ा सम्मान- सम्राट चौधरी!

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:- रवि शंकर अमित!

आडवाणी जी को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने की घोषणा से भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ताओं का बढ़ा सम्मान- सम्राट

देश व संसदीय प्रक्रिया के विकास में आडवाणी जी का योगदान अतुलनीय

  • श्रद्धेय आडवाणी जी की सोमनाथ से अयोध्या तक कि यात्रा से श्रीराम मंदिर आंदोलन को मिली थी गति
  • हिन्दू हृदय सम्राट’ के रूप में भी रही है आडवाणी जी की पहचान

पटना, 03-02-2024

उपमुख्यमंत्री सह बिहार भाजपा के अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने केंद्र सरकार द्वारा भारतीय जनता पार्टी के वरिष्‍ठ नेता व देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री श्री लाल कृष्‍ण आडवाणी को सर्वोच्‍च नागरिक सम्‍मान ‘भारत रत्‍न’ से सम्‍मानित करने की घोषणा पर प्रसन्नता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया है।

श्री चौधरी ने कहा है कि भाजपा के संस्थापकों में से एक लालकृष्ण आडवाणी को देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करने की घोषणा से दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ताओं को भी सम्मान मिला है। श्रधेय आडवाणी जी की सोमनाथ से अयोध्या तक कि यात्रा से श्रीराम मंदिर आंदोलन को गति मिली थी। ‘हिन्दू हृदय सम्राट’ के रूप में भी आडवाणी जी की पहचान रही है।

उन्होंने कहा कि श्री आडवाणी जी 5 बार लोकसभा और 4 बार राज्‍यसभा से सांसद रहे हैं। 3 बार भारतीय जनता पार्टी के अध्‍यक्ष भी रहे चुके हैं। लालकृष्‍ण आडवाणी. 2002 से 2004 तक वह देश के उपप्रधानमंत्री भी रहे हैं।

श्री आडवाणी के लंबे राजनीतिक जीवन में भारत के विकास में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उनका जीवन जमीनी स्तर पर काम करने से शुरू होकर देश के उपप्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा करने तक का है। उन्होंने देश के गृह मंत्री और सूचना एवं प्रसारण मंत्री के रूप में भी अपनी पहचान बनाई। उनका संसदीय योगदान हमेशा अनुकरणीय रहेगा।

श्री आडवाणी का जन्म 8 नवंबर 1927 को कराची (अब पाकिस्‍तान) में हुआ था। 2015 में उन्हें पद्म विभूषण से सम्‍मानित किया गया था। 2002 से 2004 के बीच अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार में 7वें उप-प्रधानमंत्री रहे। वह भाजपा के संस्थापक सदस्यों में शामिल हैं। आडवाणी जी के राजनीतिक करियर की शुरुआत 1942 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता के रूप में हुई थी। यहां से उन्‍होंने देश के उपप्रधानमंत्री तक का सफर तय किया।

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