:- रागिनी शर्मा !

अब असाध्य रोगों के ईलाज के लिये केरल और बेंगलुरु जाने की जरूरत नही बल्कि बिहार में ही आज से इसकी शुरुआत कर दी गई है।
दरअसल प्राकृतिक चिकित्सा लेने के लिये देश भर के लोगों को केरल और कर्नाटक जाना पड़ता था, जहाँ असाध्य रोगों का ईलाज बिना किसी दवाई के प्राकृतिक नियमों के तहत किया जाता रहा है।
ये पद्धति तब और प्रचलित हुई थी जब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्राकृतिक चिकित्सा से लाभ प्राप्त किया था।
ठीक वैसा ही चिकित्सालय अब बिहार में शुरू कर दिया गया है।
संस्थान के निदेशक डॉ. राम गोपाल ने बताया कि सभी तरह के असाध्य रोगों का ईलाज यहाँ सम्भव है और किन्हीं को केरल या कर्नाटक जाने की जरूरत नही है।
बेगुसराय के टाऊनशिप के सामने नागदह में इस प्राकृतिक अस्पताल की शरुआत कर दी गई है, जहाँ नितांत गरीब व्यक्ति भी अपना ईलाज करा सकते हैं। डॉ राम गोपाल का दावा है कि इस अस्पताल के शुरू होने से जहाँ लोगों को सामान्य अस्पतालों के भारी भरकम बिल से छुटकारा मिलेगी वहीं असाध्य रोगों का उपचार भी सम्भव होगा।
इस अस्पताल की शाखाएँ जल्द ही बिहार के विभिन्न जिलों में खोली जायेंगी!




