:- रवि शंकर शर्मा(अमित)
बिहार विधानसभा में सुरक्षा प्रहरी का आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा तैयार रिजल्ट रद्द कर सरकारी संस्था के माध्यम से फिर से ली जाय परीक्षा—विजय कुमार सिन्हा।
आउटसोर्सिंग से बहाली पर सरकार लगाए स्थायी रोक,
आउटसोर्सिंग एजेंसी नियुक्ति के लिए सक्षम नहीं, विधानसभा सचिवालय द्वारा निविदा शर्तों में किया गया बदलाव, परीक्षा में नहीं ली गयी वायोमैट्रिक हाज़िरी।
बिहार विधानसभा में नियुक्ति में धांधली का पुराना इतिहास, 2000 से 2005 की अवधि में नियुक्ति में निगरानी द्वारा दाखिल चार्जशीट निगरानी कोर्ट में लंबित।
नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता का विरोध करने पर प्रभारी सचिव का तबादला।
पटना 15 दिसंबर 2023
बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि बिहार विधान सभा में सुरक्षा प्रहरी पद पर नियुक्ति हेतु जारी प्रारंभिक परीक्षा के रिजल्ट में धांधली के कारण इसे रद्द किया जाये और सरकारी संस्थान से दुबारा परीक्षा आयोजित कराई जाए। वे अपने सरकारी आवास 1 पोलो रोड में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
श्री सिन्हा ने कहा कि नियुक्ति हेतु चयनित आउटसोर्सिंग एजेंसी सक्षम नहीं है। चयन के बाद इनके कहने पर सभा सचिवालय में निविदा शर्तों में बदलाव किया गया और सुरक्षित जमा राशि को कम किया गया। यह कृत्य अनिमियतता की श्रेणी में आता है।
श्री सिन्हा ने कहा कि सुरक्षा प्रहरी की नियुक्ति हेतु परीक्षा में किसी भी सेंटर पर वायोमैट्रिक हाज़िरी नहीं ली गई। इसके कारण परीक्षार्थियों ने हंगामा भी किया। कौन किसके बदले परीक्षा दिया यह किसी को मालूम नहीं है।
श्री सिन्हा ने कहा कि बिहार विधान सभा में नियुक्ति में धांधली का पुराना इतिहास रहा है। 1990-95 में नियुक्त लगभग 500 कर्मियों को पटना हाईकोर्ट ने नौकरी से बर्खाश्त किया।
2000-2005 अवधि में नियुक्ति में धांधली की पुष्टि करते हुये राज्य निगरानी ने तत्कालीन अध्यक्ष, सचिव, कर्मियों एवं सफल अभ्यर्थियों को मिलाकर लगभग 40 लोगों पर चार्जशीट दायर किया जो निगरानी कोर्ट में लंबित है।
श्री सिन्हा ने विधान सभा द्वारा वर्त्तमान में बहाली में अनिमियतता को उजागर करते हुए माननीय मुख्यमंत्री को भी आज पत्र लिखा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस परीक्षा को रद्द करते हुए इसकी जाँच कराई जाये। सरकारी संस्था के माध्यम से दुबारा यह परीक्षा हो।
श्री सिन्हा ने कहा कि वर्तमान बहाली प्रक्रिया का विरोध करने पर प्रभारी सचिव का तबादला करा दिया गया। नए सचिव के पदभार ग्रहण करने के पश्चात फिर से धांधली का खेल शुरू हो गया।
श्री सिन्हा ने कहा कि सरकार को आउटसोर्सिंग से वहाली पर स्थायी रोक लगानी चाहिए ताकि राज्य में प्रतिभावान अभ्यर्थियों को न्याय मिले औऱ नौकरी की विक्री वंद हो।




