कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दुबे):
कैमूर जिले के भगवानपुर प्रखंड के पवरा पहाड़ी पर स्थित मां मुंडेश्वरी का दर्शन करने के लिए अष्टमी के दिन श्रद्धालुओ का जन शैलाब उमड़ पड़ा। वहीं मंदिर को फूल की माला से सजाया गया है। बताते चलें की मां मुंडेश्वरी का मंदिर जो कैमूर जिले के भगवानपुर प्रखंड के पवरा पहाड़ी पर स्थित है कैमूर और बिहार ही नहीं पूरे विश्व में विख्यात है। मां का दर्शन करने के लिए पूरे विश्व से लोग कैमूर आते हैं। यहां की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां पर रक्तविहीन पशु बलि’दी जाती है जो लोगों के बीच काफी चर्चा का विषय बना रहता है। इस रक्त विहीन बाली को देखने के लिए पूरे विश्व के लोग मां मुंडेश्वरी के धाम में पहुंचते हैं और मां का दर्शन पूजन करते हैं। मां मुंडेश्वरी मंदिर को भारत के प्राचीनतम मंदिरों में से एक माना जाता है। हालांकि, यह मंदिर कितना प्राचीन है, इसका कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं है। जानकारी के अनुसार इतना प्रमाण अवश्य मिलता है कि इस मंदिर का निर्माण नहीं कराया गया है, बल्कि ये मंदिर खुदाई में मिली है। यह मंदिर कैमूर जिला मुख्यालय से 14 किलोमीटर दूर भगवनपुर प्रखंड के पवरा पहाड़ी पर साढ़े 6 सौ फीट की ऊंचाई पर स्थित है।





