तीन दिन तक अनुपस्थिति रहने पर नामांकन रद करने का फरमान वापस ले शिक्षा विभाग –आइसा 

SHARE:

रिपोर्ट – आशुतोष पांडेय

 वीर कुंवर सिंह विश्वविधालय में तीन दिन तक अनुपस्थिति रहने पर नामांकन रद करने का बिहार के शिक्षा विभाग के तानाशाही आदेश के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन के तहत वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में मार्च निकाल कर तथा शिक्षा विभाग होश में आओ, केके पाठक मुर्दाबाद, के नारों के साथ विरोध प्रदर्शन किया गया.विरोध मार्च भगत सिंह चौक से प्रशासनिक भवन तक आकर सभा में तब्दील हो गया. सभा का संचालन आइसा जिला सह सचिव कमलेश यादव ने किया.

सभा को संबोधित करते हुए आइसा राज्य सचिव सबीर कुमार ने कहा की शिक्षा विभाग ने तानाशाही से ये फैसला लिया है की तीन दिनों तक क्लास में अनुपस्थित पाए जाने पर छात्र छात्राओं का नामांकन रद्द कर दिया जाएगा. छात्र संगठन आइसा इस नियम का विरोध करती है. दशकों से विश्वविद्यालय और कॉलेजों की पढ़ाई चौपट कर दिया है. शिक्षा विभाग ने जिसको एक दिन में ठीक नही किया जा सकता है, कैंपस में कोई मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, लाइब्रेरी,साइंस लोबोरेट्री,कॉमन रूम ,शौचालय बहुत ही दयनीय स्थिति में है . 75% उपस्थिति का हम समर्थन करते है. लेकिन तीन दिन क्लास का फैसला वापस होनी चाहिए.

आइसा जिला सचिव विकास कुमार ने कहा की चार जिलों को मिलाकर एक यूनिवर्सिटी आरा में है विधार्थी रोहतास ,कैमूर और बक्सर जिले से भी आते है. जहा सभी विषयों में स्नातकोत्तर की पढ़ाई नही होती है. मजबूरी में उन्हें आरा में एडमिशन लेनी पड़ती है. जो सुदूर ग्रामीण इलाकों से आरा रोज आना पड़ता है और यहां सबके लिए छात्रावास की भी कोई व्यवस्था नहीं है, आइसा लंबे समय से मांग कर रही है की सभी महा विद्यालयों में तमाम विषयों में स्नातकोत्तर की पढ़ाई शुरू किया जाए .ताकि विधार्थी अपने क्षेत्र के कालेज में नामांकन ले और क्लास में उपस्थित भी रहे. सिर्फ नए नियम और तानाशाही से रवैया अपनाने से परिवर्तन नही हो जाएगा. इस तरह छात्रों का भविष्य बर्बाद होगा. सरकार तो चाहती ही नही की गरीबों के बेटे बेटियां शिक्षा ले. 

आइसा जिला अध्यक्ष सुशील यादव ने कहा सरकार पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए तब कोई नियम लाने की जरूरत ही नही पड़ेगी. क्योंकि हर विधार्थी पढ़ना चाहता है, किसी नियम के मोहताज नही है ,अगर उन्हें पढ़ना नही होता तो निजी शिक्षण संस्थानों में भिड़ नही लगाते, अगर शिक्षा विभाग अपने तानाशाही भरे फैसले वापस नही लेगी तो आइसा पूरे बिहार में एक बड़े आंदोलन के तरफ रुख अख्तियार करेगी, 

विरोध मार्च में शामिल रहे आइसा सह सचिव जयशंकर ,चंदन दास,राजेश कुमार,सागर पासवान, सनोज चौधरी,कृष्ण कुमार,शुभम मौर्य ,हरेंद्र यादव, सुमन यादव,अखिलेश गुप्ता,अजीत कुमार,शनि देवल,निखिल ,धन्नू कुमार व दर्जनों छात्र – छात्राएं उपस्थित थी

Join us on:

Leave a Comment