रिपोर्ट – पंकज कुमार
किसान मजदूर के हक एवं अधिकार को लेकर अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले किसानों ने समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय महाधरना दिया।आयोजित इस धरने में बड़ी संख्या में विभिन्न प्रखंडों से आये किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की । इस दौरान उपस्थित किसानों ने अपनी 29 सूत्री मांगों का एस्मार्क पत्र भी जिला अधिकारी को सौंपा। उनके मुख्य मांगों में फसलों का C2 प्लस 50% न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करना, जमीन सर्वे एवं दाखिल खारिज में व्याप्त धांधली पर रोक लगाना, सभी बटाईदारों का पंजीकरण करना, खेती हर किसानों एवं बटाईदारों को तमाम सरकारी सुविधा उपलब्ध कराना, किसानों का केसीसी माफ करना, खेती के लिए नि:शुल्क बिजली कनेक्शन देना,जिले में बंद पड़े सभी नलकूपों को जल्द से जल्द चालू कर कर प्रत्येक गांव में दो-दो नए नलकूप लगाना सहित 29 सूत्री मांग शामिल है। वही इस धरने में शिरकत करने आये घोसी विधायक रामबली सिंह यादव ने कहा कि केंद्र की सरकार किसान एवं मजदूर विरोधी सरकार है। केंद्र सरकार के द्वारा जो धान का न्यूनतम मूल्य तय किया गया है। वह किसानों के लिए लाभकारी नहीं है। जितना मेहनत कर किसान धान उपजाते हैं किसानों को उसे मुताबिक पैसे नहीं मिलते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार समेत पूरे देश के किसान परेशान हैं और केंद्र की सरकार सिर्फ अमीर लोगों के पीठ थपथपाने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में केंद्र की सरकार सिर्फ जुमला बाजी करने में जुटी हुई है। आने वाले लोकसभा चुनाव में किसान इस सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करेंगे।
Byte – रामबली सिंह यादव,घोसी विधायक




