अखिल भारतीय खेत ग्रामीण मजदूर सभा जहानाबाद जिला का सातवां जिला सम्मेलन संपन्न!

SHARE:

पंकज कुमार जहानाबाद ।

अखिल भारतीय खेत ग्रामीण मजदूर सभा जहानाबाद जिला का सातवां जिला सम्मेलन जहानाबाद नगर के ताज रेस्ट हाउस में संपन्न हुआ, सभागार दिवंगत कामरेड रामजतन शर्मा व दयानंद प्रसाद को समर्पित था।
सम्मेलन के माध्यम से 25 सदस्य जिला परिषद का गठन किया गया जिसके अध्यक्ष तथा सचिव क्रमशः पुनः सत्येंद्र रविदास, तथा प्रदीप कुमार को सर्व समिति से चुना गया।
सम्मेलन के उद्घाटन करता भाकपा माले के पोलितब्यूरो सदस्य तथा अखिल भारतीय खेत ग्रामीण मजदूर सभा के महासचिव धीरेंद्र झा थे जबकि पर्यवेक्षक खे ग्रामस के राज्य कमेटी सदस्य रामधारी दास थे,
सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कामरेड धीरेंद्र झा ने कहा सम्मेलन हम ऐसे समय में कर रहे हैं जब मोदी शासन के दौरान पूरा देश सांप्रदायिक फासीवाद से तवाह है ,देश का लोकतंत्र संविधान वआजादी खतरे में है। दूसरे तरफ फासीवादी भाजपा के खिलाफ प्रतिरोध में वामपंथियों समाजवादियों अंबेडकरवादियों गांधीवादियों नेहरू वीडियो की एकता इंडिया गठबंधन में जुड़ते जा रहा है। भाजपा की शाख लगातार गिरता जा रहा है और वह न सिर्फ राजनीतिक पतियो के बीच से अकेला पड़ता जा रहा है जनता के बीच से भी अलगाव में लगातार जा रहा है जिसका उदाहरण है दिल्ली में चले किसान आंदोलन, नागरिकता संशोधन बिल, नोटबंदी आदि आदि में जनता उसके खिलाफ लगातार उतरती गई है, और कई मोर्चे पर मोदी सरकार के हठ धर्मिता को दरकिनार करता गया है।
80के दसक में सामंतवाद के खिलाफ एक बड़ा झंझाबाद खड़ा किया गया था जमीन मजदूरी तथा अस्मिता की लड़ाई में जनता उठ खड़ी हुई थी अपने संघर्षों के बल पर गांव के गरीब सामंतवाद को पीछे हटाया था जनता की लड़ाई में 80 दशक में बिहार के मुख्यमंत्री भागवत झा आजाद को इसी जहानाबाद में कालिक पोत करके विदा किया था ,कामरेड विनोद मिश्र ने इसी उम्मीद के साथ कहा था दिल्ली का रास्ता जहानाबाद से तय होगा ।अखिल भारतीय खेत ग्रामीण मजदूर सभा ने यह नारा दिया जो जमीन सरकारी है वह जमीन हमारी है। गरीबों की एकता को तोड़ने के लिए मोदी सरकार आज आगे आया है हम इसे नाकाम करने की ओर बढ़ेंगे। मोदी सरकार भगत सिंह चंद्रशेखर आजाद मौलाना अब्दुल कलाम महात्मा गांधी के सपने को तोड़ देना चाहता है संविधान जनता से छीन लेना चाहता है तथा मनुवादी व्यवस्था को जनता पर थोप देना चाहता है अंबेडकर ने 1945 में ही कहा था अगर देश में भाजपा की सरकार आई तो आजादी जनता से छीन लिया जाएगा वह दिन देश का सबसे दूरदिन होगा ,आज जनता वही देख रही है ,आज गरीबों का देश अमीरों के हाथ में है देश के अंदर आज 10 लाख लोग अमीर हो गए है दूसरी तरफ एक अरब 40 करोड लोग गरीबी का दंश झेल रहे हैं ।जिसमें मजदूरों की हालत सबसे अधिक दयनीय है, संघर्ष से काम का घंटा निश्चित किया था तथा निश्चित मजदूरी की लड़ाई को एक हद तक जीता था, आज मोदी के शासन में 12 घंटे का कार्यकाल तथा मानदेय पर मजदूर काम कर रहे हैं चाहे वह मजदूर कल कारखानों में काम करते हो खदानों में काम करते हो खेतों में काम करते हो हर जगह उन्हें काम मजदूरी का मार झेलना पड़ रहा है। आजादी के 75 साल बाद भी देश के करोड़ों लोगों को सर ढकने भरभी जमीन नसीब नहीं हुआ, जो गरीब गुरवे सरकारी जमीन पर बसे हुए हैं उन्हें उजाड़ा जा रहा है उनके घरों पर बुलडोजर चलाया जा रहा हैं ,दूसरे तरफ मोदी सरकार के नजरों में अब देश के अंदर कोई ऐसा गरीब नहीं रह गया है जिनके मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नहीं बना है लेकिन गांव और कस्बा में जिनके पास रहने की जमीन ही नहीं है ऐसे लोगों को मकान तो दूर की बात है आज नल जल योजना के तहत गरीबों को पानी नसीब नहीं हो रहा है यह हालात आज पूरे देश में है ,आज देश का सर्वोच्च संस्था मोदी के इशारे पर चल रहा है नई संसद भवन के उद्घाटन में जो उसके सबसे बड़े हकदार हैं जो न्याय के मंदिर का सबसे बड़ा जिम्मेवार है राष्ट्रपति को भी उसके उद्घाटन में नहीं बुलाया गया उसके उद्घाटन में साधु और पण्डो को बुलाए गए इस बात से इंगित होता है कि देश संविधान पर नहीं चलेगा देश मनुवादियों के इशारे पर चलेगा इस तरह से देश में हम देखते हैं कि देश का संविधान ही आज की तिथि में कराह रहा है देश का चौथा स्तंभ मीडिया जो सच बोलने की हिम्मत किया उनके घरों की तलाशी एवं जेल के शिकंजों में बंद किया जा रहा है।
इस सम्मेलन के माध्यम से यह मांग उठाई गई है की
1 बिना वैकल्पिक व्यवस्था के गरीबों को उजाड़ना बंद करो सभी आवास विभिन्न परिवारों को 5 डिसमिल जमीन दो तथा आवास निर्माण में ₹500000 का आवंटन करो
2 सभी बुजुर्ग विकलांग व विधवा को प्रतिमाह 3 हजार रुपया मासिक पेंशन दो
3 सभी मनरेगा मजदूरों को 200 दिन काम तथा ₹600 प्रति दिन दैनिक मजदूरी दो मनरेगा कार्य को कृषि कार्य से जोरो।
4 दलित आदिवासियों और अकलियतों के सम्मान और बराबरी के अधिकार की गारंटी करो।
5 संविधान में बास आवास की अनिवार्यता को जोड़ो
6 सभी गरीबों को 200 यूनट बिजली फ्री दो तथा फर्जी बिल खत्म करो, किए गए मुकदमे को वापस लो।
7 सभी सरकारी स्कूलों में शिक्षा का बेहतर माहौल बनाव।
सम्मेलन को अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव और जहानाबाद जिला के भाकपा माले के सचिव रामाधार सिंह घोसी विधायक रामबली सिंह यादव अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला सचिव शौकीन यादव भाकपा माले के राज्य कमेटी सदस्य और घोसी प्रखंड के सचिव अरुण कुमार, मालेप्रखंड सचिव हुलासगंज के प्रभात कुमार, मोदनगंज प्रखंड सचिव वि तनमांझी ,काको प्रखंड सचिव विनोद कुमार भारती, मखदुमपुर प्रखंड सचिव धनेश्वर मांझी, रतनी प्रखंड सचिव राकेश कुमार, जहानाबाद प्रखंड सचिव हसनैन अंसारी जहानाबाद नगर कमेटी के सदस्य गणेश दास माले कार्यालय सचिव उदय कुमार आदि नेताओं ने संबोधित किया।
सम्मेलन की अध्यक्षता सतेंद्र रविदास, बुधदेव यादव एवम ललन किशोर ने किया अंत में पर्यवेक्षक रामधारी दास ने कमिटी का चुनाव कराया।

Join us on:

Leave a Comment