रिपोर्ट – अमित कुमार!
बिहार
पटना
पटना हाईकोर्ट ने रेप के आरोपी आरजेडी के पूर्व विधायक गुलाब यादव और सीनियर आईएएस संजीव हंस को बड़ी राहत भले ही मिल गई हो गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। लेकीन पीड़ित महिल गायत्री देवी दर्द भटक रही है। आज पटना में पीड़ित महिला गायत्री देवी आपने 5 साल के बच्चे के साथ प्रेस कांफ्रेंस करते हुए बताया की हमको और हमारे बच्चे को आरजेडी के पूर्व विधायक गुलाब यादव और सीनियर आईएएस अधिकारी संजीव हंस से जान का खतरा है। वो लोग बार बार व्हाट्सएप कॉल पर हमे और बच्चे को मारने की धमकी दे रहे है। पीड़ित महिला गायत्री देवी ने कहा कि हम अपने बच्चे के लिए इंसाफ चाहते हैं इसलिए अब चौथे असम मीडिया के पास आए हुए हैं, क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के रहते हैं बिहार की कोई भी अधिकारी गुलाब यादव और सीनियर अधिकारी संजीव हंस पर कार्रवाई नहीं कर सकते है। हाई कोर्ट में मेरा केस लगा हुआ है लेकिन सरकार के इशारों पर एडवोकेट जनरल पीके शाही कैसे को मेंशन नहीं होने देते डेट भी नहीं पड़ रहा है। जब भी वक्त आता है तो हमारा केस सबसे नीचे चला जाता है। साथ ही महीला ने यह भी आरोप बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार की महिलाओं को सम्मान देने की बात कहते है, लेकीन हमे अब तक न्याय क्यू नही मिला रहा है, इससे साफ पता चलता है की बिहार में जंगलराज आ गया है, और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने अधिकारियो को बचा रहे है।
बताते चले की पीड़ित महिला गायत्री देवी इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक वकील है। गायत्री देवी की शिकायत पर पटना पुलिस ने दिसंबर 2022 में गुलाब यादव और IAS संजीव हंस के खिलाफ बलात्कार और आईपीसी की अन्य धाराओं के अलावा प्राथमिकी दर्ज की थी। महिला ने पहली बार 2021 में पुलिस में शिकायत की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि राजद के पूर्व विधायक गुलाब यादव ने उसे बिहार महिला आयोग का सदस्य बनाने का झांसा दिया और 2016 में पटना के रुकनपुरा स्थित अपने आवास पर बुलाया। विधायक ने कथित तौर पर उसके साथ बलात्कार किया। और वीडियो बना लिया। महिला ने प्राथमिकी में आरोप लगाए है कि गुलाब यादव ने बाद में उसे दिल्ली के एक होटल में बुलाया, जहां आईएएस अधिकारी संजीव हंस भी मौजूद थे, और वीडियो वायरल करने की धमकी दी। वहां दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद, दोनों ने दिल्ली और पुणे के विभिन्न होटलों में उसके साथ बलात्कार किया आरोप लगाई है।
हालाकी वहीं इस मामले में पटना हाईकोर्ट के आदेश से आईएएस संजीव हंस, एमएलसी गुलाब यादव को बड़ी राहत मिली है। अब, उच्च न्यायालय मामले की सुनवाई करेगा और आगे की कार्रवाई तय करेगा।
बाइट:- गायत्री देवी, पीड़ित महिला




