पंकज कुमार जहानाबाद
मियां बीबी राजी तो क्या करेगा काजी ,वाली कहावत जहानाबाद में चरितार्थ होते नजर आया और बगैर लगन के ही प्रेमी युगल एक दूसरे को माला पहना कर मांग में सिंदूर भर दिया।
हिंदू धर्म में खरमास महीने में शादी विवाह और कोई भी शुभ कार्य की मनाही होती है. परन्तु प्यार कहां इन रीति रिवाज और बंधनों को मानता है. ऐसा ही एक मामला बिहार के जहानाबाद से आया है. जहां एक प्रेमी युगल ने घर से भाग कर मंदिर में शादी रचा ली. मामला नगर थाना क्षेत्र के गौरक्षणी स्थित देवी मंदिर का है. जहां अपने माता-पिता से बिना पूछे ही प्रेमी युगल ने खरमास महीने में शादी रचा लीदरअसल हुलासगंज थाना क्षेत्र के केवला गांव की रहने वाली युवती और मखदुमपुर थाना अंतर्गत कोयली गांव निवासी रितेश कुमार जहानाबाद शहर में रहकर पढ़ाई करते थे. इसी दौरान दोनों में परिचय हुआ और धीरे धीरे प्यार परवान चढ़ने लगा. जब इसकी भनक लड़की के घरवालों को लगी तो परिजनों ने लड़की की पढ़ाई लिखाई बंद करवा कर घर ले जाने की पूरी प्लानिंग कर ली. इधर घरवाले अपने प्लान में सफल होते उसके पहले ही लड़की ने अपनी पूरी बात अपने बॉयफ्रेंड रितेश को बता दी. जिसके बाद प्रेमी रितेश ने अपनी प्रेमिका को आगे पढ़ाने-लिखाने का वादा किया और फिर दोनों घर से भाग कर शहर के गौरक्षणी स्थित मंदिर में शादी कर ली. जहां प्रेमी जोड़े की शादी देखने को लेकर लोगों की भीड़ जमा हो गई.बिना बैंड-बाजा और बाराती के उपस्थित लोग शादी का गवाह बने. युवती ने बताया कि वो दोनों सालों से एक-दूसरे से बेहद प्यार करते हैं,युवती के परिवार वालों को जब ये बात पता चली तो उन्होंने लड़की की पढ़ाई लिखाई बंद कर उसे अपने गांव ले जाने वाले थे. वे इस शादी के लिए कतई राजी नहीं थे. तभी दोनों ने मिलकर ठान ली कि शादी करेंगे और भागकर मंदिर पहुंचे जहां शादी कर ली. हालांकि लड़की को यह चिंता सता रही है कि शादी के विरोध में परिवार वाले कुछ गलत कदम ना उठा ले. ऐसे में वह अपील कर रही है कि उसने अपनी मर्जी से शादी की है और उसे अपने जीवनसाथी के साथ जीवन जीने दिया जाए.




