रिपोर्ट – संतोष तिवारी!
सीतामढ़ी जाने के क्रम में मुजफ्फरपुर में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला।उन्होंने कहा कि महागठबंधन अब बगैर पतवार की नाव है इसका मांझी बीच मंझधार में ही साथ छोड़ गया है ।ऐसे में जब महागठबंधन अपने सहयोगी साथियों को रोकने में सक्षम नहीं है फिर वह मोदी को सत्ता में आने से कैसे रोकेंगे ।उन्होंने कहा कि चाहे महागठबंधन जितना जोर लगा ले आएगी मोदी सरकार ही । उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा लोकसभा चुनाव समय से पूर्व कराये जाने के सवाल पर कहा कि इसकी चिंता करने की जगह उन्हें बिहार के विकास की चिंता करनी चाहिए। जो प्रोजेक्ट शुरू है उसे समय अवधि में पूरी करने की चिंता होनी चाहिए । अगर मुकाबला करना ही है तो प्रधानमंत्री मोदी से सीख ले कि जिस योजना को शुरू करें उसका शुभारंभ भी करें । उन्होंने चुटकी लिया कि जहां पुल गिरने पर बैठक होनी चाहिए थी। निर्माणकर्ता एजेंसी पर आरोप तय कर कार्रवाई होनी चाहिए थी । वहां महागठबंधन सत्ता की राजनीति कर रही है और मामले की लीपापोती की जा रही है ।उन्होंने कहा कि यह विडंबना है कि एक और नरेंद्र मोदी 900 करोड़ की लागत से संसद भवन का निर्माण करा कर चर्चा में है दूसरी ओर 17 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन पुल ढ़ह जाने से बिहार की बदनामी हो रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा बिहार में निवेश के लिए औद्योगिक घराना इच्छुक है लेकिन इसके लिए पहले विधि व्यवस्था दुरूस्त करनी होगी। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में अभी उद्योग फल फूल ही रहा था कि सरकार बदल गई नतीजतन सरकार बदलते ही उद्योग विभाग की सोच बदली और हल्दीराम , पेप्सी आदि कंपनियां मुँह मोड़ गयी। इसके बावजूद भी टेक्सटाइल क्षेत्र में उधोगपति बिहार में निवेश को इच्छुक है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग रखा कि अहम पालने की जगह उनके द्वारा बनाए गए चमरा और टेक्सटाइल नीति को 1 साल का विस्तार दिया जाए ।
बाइट शाहनवाज हुसैन




