रवि शंकर शर्मा :-
केंद्र सरकार ने 10,000 एफपीओ स्कीम के तहत पूरे देश में दस हज़ार एफ़पीओ बनाने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए विभिन्न सरकारी एवं ग़ैरसरकारी संगठनों द्वारा किसान उत्पादक संगठन का समवर्धन किया जा रहा है । जिले में भी भारत सरकार के इस स्कीम के अंतर्गत सभी प्रखंड में एफ़पीओ बनाए गये हैं और जिसे राज्य एवं केंद्र के विभिन्न विभागों द्वारा सहयोग एवं मार्गदर्शन किया जा रहा है।
इसी क्रम में नाबार्ड द्वारा कार्यान्वित एवं प्रोत्साहित एफ़पीओ के निरीक्षण हेतु आए नाबार्ड के ज़िला विकास प्रबंधक आनंद अतिरेक ने बताया कि एफ़पीओ खेत से बाज़ार तक किसानों की भागीदारी सुनिस्चित करती है और किसान उत्पादक संगठन से जुड़कर किसान आत्मनिर्भर होंगे एवं उनकी सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में भी बदलाव आएगा ।
ज़िला विकास प्रबंधक द्वारा जिले के ४ प्रखंड – पिपराकोठी, संग्रामपुर, मोतिहारी एवं तरकौलिया एफ़पीओ का निरीक्षण किया गया और एफ़पीओ के निदेशक मंडल एवं कार्यकर्ताओं को एफ़पीओ के कुशल प्रबंधन हेतु सुझाव दिया गया।

ग़ौरतलब है कि पूर्वी चंपारण जिले के १२ प्रखंड – संग्रामपुर, तरकौलिया, मोतिहारी, पिपराकोठी, चकिया, पकड़ी दयाल, मेहसी, कल्याणपुर, अरेराज, हरसिद्धि और रामगढ़वा में कौशल्या फ़ाउंडेशन द्वारा किसानों को जागरूक कर किसान उत्पादक संगठन बनाया गया है । इसके लिए संस्था को भारत सरकार की संस्था नाबार्ड और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के द्वारा ज़िम्मेदारी दी गयी है । किसान उत्पादक संगठन छोटे एवं सीमांत किसानों का एक व्यापारिक, व्यावसायिक एवं भारत सरकार से निबंधित संगठन है जो किसानो का, किसानो के लिये और किसानो के द्वारा चलायी जाती है |
कौशल्या फ़ाउंडेशन द्वारा प्रोत्साहित जिले के १२ एफ़पीओ में कुल ४५०० किसान जुड़े हैं। चकिया, संग्रामपुर और रामगढ़वा के एफ़पीओ को राज्य के कृषि विभाग के तरफ़ से फ़ार्म मशीनरी बैंक भी प्रदान किया गया है जिससे क्षेत्र के किसान काफ़ी लाभान्वित हो रहे हैं ।
एफ़पीओ, किसान-सदस्यों द्वारा नियंत्रित स्वैच्छिक संगठन हैं, इसके सदस्य इसकी नीतियों के निर्माण और निर्णयन में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। किसान उत्पादक संगठन की सदस्यता लिंग, सामाजिक, नस्लीय, राजनीतिक या धार्मिक भेदभाव के बिना उन सभी लोगों के लिये खुली होती है जो इसकी सेवाओं का उपयोग करने में सक्षम हैं और सदस्यता की ज़िम्मेदारी को स्वीकार करने के लिये तैयार हैं। यह योजना उत्पादन, उत्पादकता, बाजार पहुंच, विविधीकरण, मूल्य वर्धित, प्रसंस्करण और निर्यात को बढ़ावा देने और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से कृषि आधारित रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए कृषि उत्पादन समूह दृष्टिकोण पर आधारित है।
कौशल्या फ़ाउंडेशन के मैंनेजिंग ट्रस्टी कौशलेंद्र ने बताया कि किसान संगठित होकर उत्पादन से विपणन तक लागत में कमी कर सकेंगे और अच्छा मूल्य प्राप्त कर बेहतर आय प्राप्त कर सकेंगे । इस अवसर पर कौशलेंद्र ने अधिक से अधिक किसानों को एफ़पीओ से जुड़ने की अपील की ।
आज के कार्यक्रम में कौशल्या फ़ाउंडेशन के भास्कर झा, सोनू कुमार शर्मा, आदित्य कुमार, प्रगतिशील किसान अरुण कुमार, पिपरकोठी प्रखंड के एफ़पीओ अध्यक्ष राजकिशोर सिंह, संग्रामपुर प्रखंड के एफ़पीओ अध्यक्ष गुल्ली ठाकुर, वक़ील सहनी, शैलेंद्र सिंह, मोतिहारी एफ़पीओ के अध्यक्ष मैंनेजर सिंह,सुनील सिंह, संजय ठाकुर, विरेद्र प्रसाद, डा आशा चन्द्रा,रामनिवास कुमार, नवीन कुमार, राजू कुमार आदि निदेशक एवं प्रगतिशील किसान उपस्थित थे ।




