शहीद की पिता की गिरफ्तारी पर बिहार विधानसभा में हंगामा, भाजपा विधायकों ने उठाई कुर्सियां!

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रिपोर्ट अनमोल कुमार

दलित की जमीन पर शहीद स्मारक बनाने का मामला
तेजस्वी बोले- शहीद को श्रद्धाजंलि देने भाजपाई नहीं, मैं गया
भाजपा ने लगाया बिहार सरकार पर सेना का अपमान करने का आरोप

पटना : बिहार विधानसभा में बजट सत्र के तीसरे दिन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा के विधायकों ने लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से झड़प में शहीद हुए वैशाली के जवान के पिता की गिरफ्तारी को लेकर सदन में हंगामा शुरू कर दिया और नारेबाजी की। उग्र विधायकों ने वेल में आकर प्रदर्शन किया। तेजस्वी के भाषण के दौरान विधायकों ने कुर्सियां उठा लीं। सरकार शर्म करो…शर्म करो के नारे लगाए गए। हंगामे के बाद भाजपा विधायकों ने सदन से वॉक आउट कर दिया है। भाजपा ने बिहार की महागठबंधन सरकार पर सशस्त्र बलों के अनादर करने का आरोप लगाया है।
नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि गलवान में शहीद हुए वैशाली के जवान के पिता को जेल भेज दिया गया। एक तरफ बिहार सरकार में बैठे मंत्री देश के शहीदों का अपमान कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ इसका असर प्रशासन में दिखाई दे रहा है। बिहार में जमीन माफिया के इशारे पर गुंडाराज स्थापित करने की कोशिश हो रही है। प्रशासन शहीद के पिता को जेल भेजना चाहती है। सेना किसी पार्टी का नहीं होता। सेना पूरे देश का होता है।
यह मामला वैशाली जिले के जंदाहा थाना के चकफतह गांव का है। जहां शहीद के स्मारक बनाने का विवाद है। शहीद सैनिक जयकिशोर सिंह के पिता राज कपूर सिंह को शनिवार रात जंदाहा थाने में SC/ST एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज करने के बाद गिरफ्तार किया गया, जिसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि आरोपित अपने बेटे का स्मारक उनकी जमीन पर अवैध रूप से करवा रहे थे। मीडिया में आई खबरों में आरोप लगाया गया है कि बिहार रेजीमेंट के शहीद जवान के पिता को पुलिस ने घसीटा और पीटा। हालांकि, पुलिस अधीक्षक ने इन खबरों को खारिज करते हुए कहा कि किसी ने भी गिरफ्तार आरोपित के साथ अनुचित व्यवहार नहीं किया।
डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वैशाली के जवान जब गलवान में शहीद हुए थे और उनके पार्थिव शरीर को वैशाली लाया जा रहा था, तो पता नहीं नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा गए थे या नहीं। मैं गया था। तेजस्वी यादव ने कहा कि शहीद के परिवार की मांग थी कि हमारे बेटे का स्मारक बनाया जाए। उस समय हम सरकार में नहीं थे। भाजपा और जदयू की सरकार थी। हालांकि, हमने कहा था कि राजद की तरफ से स्मारक और गेट बनाया जाएगा। काम भाजपा को कराना चाहिए था। खुद को देशभक्त बताते हैं।
न किसी को फंसाया जा रहा, न ही बचाया जा रहा
डिप्टी सीएम ने कहा कि जब स्मारक बनाने का काम शुरू हुआ तो शहीद के परिवार ने कहा कि हमारे जमीन को छोड़ दीजिए। किसी और की जमीन पर बनाइए। वो जमीन दलित परिवार की है। हम उसपर स्मारक नहीं बनवा सकते थे। अभी सूचना मिली है कि उनके पिता को गिरफ्तार किया गया है। कानून अपना काम कर रही है। इसमें किसी को न फंसाया जा रहा है और न ही किसी को बचाया जा रहा है। हमारी सच्ची श्रद्धा शहीद के परिवार के साथ है।

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