रिपोर्ट- अमित कुमार
पटना के सेंटी दीक्षित हत्याकांड में आज परिजनों ने निकाला कैंडल मार्च , हत्यारे की पहचान के बाद अभी तक नहीं हुई हैं गिरफ्तारी।
पटना में बीते 24 जनवरी को कदमकुआं थाना अंतर्गत सैंटी दीक्षित नाम के युवक की अपराधियों ने गोली मार कर हत्या कर दी थीं। हत्या के पांच दिन बाद भी अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ़्तारी नहीं हुई हैं।
परिजनों का कहना हैं की पुलिस के द्वारा उल्टा अखबारों को गलत जानकारी दी। पुलिस ने कई मामले ने सेंटी को नामजद आरोपी बताया हैं जबकि परिजनों का कहना हैं की ऐसी कोई आरोप उसपे नहीं हैं।

इस मामले में सेंटी के घर वालों ने मामला कदम कुआं थाने में दर्ज़ कराया हैं। इस मामले में परिजनों ने बबलू सहनी, गोविंद सहनी, राहुल, गौरव और साहिल का नाम दर्ज कराया हैं लेकिन अभी तक इनकी गिरफ्तारी नहीं हुई हैं। जबकि सीसीटीवी में इनकी पहचान भी हुई हैं और यह लोग नेपाल फरार हो चुके हैं ऐसा घर वालों ने आरोप लगाया हैं।
आज इस मामले में आक्रोषित परिजन ओर घर वालों ने कैंडल मार्च निकाला जिसमें हजारों युवा, बच्चे और महिलाएं शामिल हुए। वहीं पुलिस के खिलाफ़ भी नारेबाज़ी हुई। परिजनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की हैं। परिजनों ने आरोपियों को फांसी देने की मांग की हैं।
वहीं आज सेंटी के मामा चंद्रमणि और बड़े भाई बंटी दीक्षित ने पुलिस की जांच पर सवाल खड़े किए हैं। परिवार वालों ने कहा हैं की पुलिस इस मामले की लीपा पोती कर रहीं हैं और हत्या के पांच दिन के बाद भी अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई हैं।
बाइट: चंद्रमणि, मामा
बंटी दीक्षित, भाई




