प्रजनन अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकती है मच्छर के काटने से होने वाली फाइलेरिया बीमारी

SHARE:

कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दुबे):

अमूमन दिव्यांगता जन्म से ही होती है। लेकिन ऐसी कई बीमारियां हैं, जो किसी मनुष्य को दिव्यांग बना सकती है। उनमें से एक है फाइलेरिया। जो मच्छर के काटने से होता है। जिसके लक्षणों की यदि सही समय पर पहचान नहीं की जा सकी, तो मरीज को हाथीपांव, हाइड्रोसिल या अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। फाइलेरिया से ग्रसित व्यक्ति दवा के पूरा सेवन कर रोग को नियंत्रित रख सकता है। फाइलेरिया से संक्रमित हो जाने पर लंबे समय तक इलाज चलने और दवा की खुराक पूरी करने पर रोगी समान्य जीवन जी सकता है। दवाइयों की खुराक पूरी नहीं करने पर, यह रोग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए नुकसानदायक है। सभी सरकारी चिकित्सा केन्द्रों पर डीईसी दवा नि:शुल्क उपलब्ध है।


इधर, प्रभारी जिला वेक्टर बॉर्न डिजिज कंट्रोलर अफसर डॉ. आर. के. चौधरी ने बताया कि यदि ज्यादा दिनों तक बुखार रहे, पुरुष के जननांग में या महिलाओं के स्तन में दर्द या सूजन रहे और खुजली हो, हाथ-पैर में भी सूजन या दर्द रहे तो यह फाइलेरिया होने के लक्षण हैं। तुरंत चिकित्सक से संपर्क कर चिकित्सा शुरू करवाना सुनिश्चित करवाएं। मरीज नियमित रूप से बताये गए दवा का सेवन करें और अपने परिजनों को भी डीइसी एवं एल्बेंडाजोल दवा का सेवन जरुर करने के लिए प्रेरित करें। हालांकि इसके लिये जिले में अभियान चलाये जाते हैं। पांच साल तक एक बार इन दवाओं के सेवन से कोई भी व्यक्ति आजीवन फाइलेरिया के खतरे से मुक्त हो सकता है। उन्होंने बताया कि स्वच्छता का ध्यान और सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग फाइलेरिया से सुरक्षा देता है।

Join us on:

Leave a Comment