रवि शंकर शर्मा :-
विधायिका और मंत्री का महत्व कम करने से चरम पर भ्रष्टाचार- नेता प्रतिपक्ष
मंत्रियो का विभाग में कोई महत्व नहीं, बिना मंत्री के ही विभाग की हो रही समीक्षा -विजय सिन्हा
उप मुख्यमंत्री से 5-5 विभाग संभल नहीं रहा – नेता प्रतिपक्ष
दिनांक.26.12.2022, पटना
बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय उपमुख्यमंत्री में बड़ी स्पर्धा हो रही है और बिना मंत्री के ही विभागों की समीक्षा की जा रही है। श्री सिन्हा ने कहा कि हाल ही में कृषि विभाग द्वारा चौथा कृषि रोड मैप का प्रेजेन्टेशन मुख्यमंत्री के समक्ष दिया गया, जिसमें कृषि मंत्री अनुपस्थित थे। उन्होंने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री दूसरे मंत्रियों के विभाग की समीक्षा कर रहे है, दूसरी तरफ इनके अपने विभागों की उपलब्धि नगण्य हो रही है। राज्य की बिगड़ी कानून व्यवस्था, हत्या, लूट, डकैती, बैंक डकैती बलात्कार, साइबर क्राइम, बी.पी.एस.सी पेपर लीक एवं बी.एस.एस.सी पेपर लीक मामले क्रमश: गृह एवं सामान्य प्रशासन के अधीन आते है। मुख्यमंत्री ही इन विभागों के मंत्री है।
उपमुख्यमंत्री के पास 5-5 बडे़ विभाग हैं। राज्य में सरकारी अस्पतालों की दुर्दशा, शहर एवं नगर निकायों में गंदगी का अंबार, ग्रामीण पथों की जर्जर स्थिति एवं राज्य उच्च पथों के रख रखाव में कमी परिलक्षित करता है कि उपमुख्यमंत्री से उनके विभाग संभल नहीं रहे हैं। फिर भी वे 5-5 विभाग अपने पास रखे हुये हैं।
श्री विजय कुमार सिन्हा ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि राजद के वरीय लोगों को अमहत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेवारी दी गई है। फिर भी वे मौन हैं। इन सब कारणों से राज्य में प्रशासनिक अराजकता चरम पर है। यदि मंत्रियों द्वारा किसी एजेंडा या अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री को परामर्श दी जाती है तो तत्काल उसे खारिज कर दिया जाता है। संवैधानिक रुप से मंत्रिमंडल की ही सामूहिक जिम्मेवारी होती है। जब सफलता का श्रेय लेने की बारी आती है तो संबंधित विभागीय मंत्री को श्रेय न देकर मुख्यमंत्री अपनी पीठ ठोकवाते हैं। लेकिन विफलता पर विभागीय मंत्री को कोसा जाता है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री के साथ काम करने वाले सभी वर्तमान अथवा पूर्व मंत्री इस वास्तविकता से अवगत हैं। सरकार की प्राथमिकता बड़े-बड़े निर्माण कार्यो की है, जिसमें बढ़ा चढ़ा कर प्राक्कलन बना कर लोक धन की लूट का खेल किया जाता हैं। पुल उद्घाटन से पहले टूट जाता है, कटाव निरोधक स्थल बाढ़ आने पूर्व के बह जाते हैं और इन मामलों में न तो दोषी को पकड़ा जाता है न ही कोई कार्रवाई की जाती है।श्री सिन्हा ने कहा कि राज्य के इस अराजक स्थिति बदलने का सामर्थ्य अब इनके पास नही बचा है। सिद्धांत विहीन राजनीति, स्वार्थ, अहंकार एवं राजनैतिक अस्थिरता के कारण ये राज्य को दिनों दिन रसातल में लेते जा रहे है।




