रिपोर्ट -अनमोल कुमार :-
मोकामा को जिला बनाने मांग उठी
मोकामा । भौगोलिक दृष्टिकोण राजनीतिक जागरूकता ऐतिहासिक स्थल को लेकर मोकामा को जिला बनाने की आवाज उठने लगी है। मोकामा को जिला बनाने के पीछे निम्नलिखित तर्क दिए जा रहे हैं- *कानून व्यवस्था के प्रबंध भ्रष्टाचार पर अंकुश व विकास कार्यों में तेजी लाने को जिला बनना जरूरी है।
*जिला नवोदय आवासीय विद्यालय, जिला पॉलिटेक्निक कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज शिक्षा व्यवस्था में क्रांति आ जायेगी ।
*थाने मे बार बार अवैध रूप से व्यक्ति बंद दिया जाता है इससे साबित होता है कि एसएसपी के न बैठने से से पुलिस अधिकारी निरंकुश होकर मानवाधिकार का उल्लंघन कर रहे हैं। जिला बनने से इस पर स्वत: अंकुश लग जाएगा।
*जिला सूचना अधिकारी के यहां बैठने से मीडिया के जरिये जनहित से जुड़ी योजनाओं की जानकारी आम जनता को मिल जाएगी। साथ ही योजनाओं पर प्रभावी कार्य भी सकेगा।
*मोकामा, घोसवरी, हाथीदह पंडरख, दरवे भदौर में हाईटैक सरकारी अस्पतालों की कमी है। दवाओं की कमी व आपातकालीन सुविधाएं नहीं हैं। जिला बनने से यह अभाव खत्म हो जाएगा।
*उपभोक्ता फोरम व जिला न्यायालय बनने के बाद व्यापारियों व आम जनता को होने वाली परेशानियों से छुटकारा मिलेगा। साथ ही न्याय सरलता से सुलभ हो जाएगी।
*मोकामा पौराणिक व औद्योगिक नगरी है। कृषि प्रधान क्षेत्र भी है। जिला बनने से मोकामा को पर्यटन स्थल,उद्योगों का विकास के साथ लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा।
*मोकामा जिला ,राज्य की राजधानी पटना नजदीक है। इससे यहां पर विशिष्ट व अति विशिष्ट व्यक्तिओं का आना जाना लगा रहता है। जिला बनने पर अधिकारियों को रहना पड़ेगा।
*मोकामा में NH 31,NH83 में आवागमन होने से आम जनता व व्यापारियों को आर्थिक रुप से लाभ होगा। सरकारी सुविधाओं का लाभ क्षेत्रीय लोगों को अधिक प्राप्त हो सकेगा
मोकामा जिला बनाओ संघर्ष समिति के संयोजक ब्रह्मदेव आनंद पासवान पूर्व सांसद एवं उप संयोजक विजय कुमार यादव ने बताया कि अगर बिहार सरकार मोकामा को जिला बनाने में कोताही बरसती है तो व्यापक आंदोलन चढ़ाया जाएगा।




