रिपोर्ट -अनमोल कुमार :-
कहा-सीबीआई और ईडी से जांच करके एलजी को जेल में डाल देना चाहिए
ऐसे वीके सक्सेना को पीएम मोदी ने क्यों एलजी बनाया?
नई दिल्ली : दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार और राज्यपाल वीके सक्सेना के बीच जंग भयावह रूप अख्तियार करती जा रही है। 'आप' नेताओं को एलजी की ओर से भेजे गए लीगल नोटिस को फाड़ते हुए राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने उन पर फिर करोड़ों-अरबों की हेराफेरी का आरोप लगाया है। संजय सिंह ने कहा कि खादी ग्रामोद्योग का प्रमुख रहते हुए मजदूरों, कर्मचारियों को वेतन भुगतान में धांधली की गई। आप नेता संजय सिंह ने कुछ दस्तावजों के साथ भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना महाभ्रष्ट, बेईमान और नंबर एक के भ्रष्ट व्यक्ति हैं। ऐसा भ्रष्टाचारी व्यक्ति जो केवीआईसी का अध्यक्ष रहते हुए 2.5 लाख कर्मचारियों का पैसा खा जाता है। अरबों-खरबों डकार जाता है। ऐसा भ्रष्ट व्यक्ति जो खादी जैसी पवित्र संस्था को अपने लूट का अड्डा बना देता है। पीएम मोदी जी बताएं, ऐसे भ्रष्टाचारी व्यक्ति को आपने दिल्ली का एलजी क्यों बनाया? संजय सिंह ने एलजी की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि इसकी सीबीआई और ईडी से जांच होनी चाहिए। इस एलजी को गिरफ्तार करके जेल में डालना चाहिए। ऐसे महाभ्रष्ट एलजी को तत्काल हटाकर गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि 4,55,000 में से 1,93,598 कर्चमारियों का ही खाता खोला गया था। बाकी 2.5 लाख से अधिक 'घोस्ट एंप्लॉयी' थे, जिन्हें हर महीने कैश पेमेंट जाती रही। उन्होंने कहा कि यह पैसा वीके सक्सेना के पास जाता रहा।
सांसद होने की दलील
संजय सिंह ने नोटिस को फाड़ते हुए कहा कि वह उच्च सदन (राज्यसभा) के सदस्य हैं और उन्हें सच बोलने का हक है। संजय सिंह ने कहा कि वीके सक्सेना को मैं कहना चाहता हूं कि भारत का संविधान मुझे सच बोलने का अधिकार देता है। देश के सर्वोच्च सदन का सदस्य होने के नाते मुझे सच बोलने का अधिकार है। किसी चोर, भ्रष्ट व्यक्ति के नोटिस भेजने से मैं रुकने और डरने वाला नहीं हूं। ऐसे नोटिस को मैं 10 बार फाड़कर फेकता हूं। तुम यदि सोचते हो कि तुम भ्रष्टाचार करोगे, लूट करोगे और भ्रष्टाचार को नोटिस के नीचे दबा लोगे तो यह संभव नहीं है।
LG ने कहा-एमसीडी की 383.74 करोड़ की बकाया राशि जारी करें सीएम
बता दें कि दिल्ली का उपराज्यपाल बनने के बाद से ही विनय कुमार सक्सेना और दिल्ली की आप सरकार के बीच तकरार बना हुआ है। इस बीच उपराज्यपाल की तरफ से पत्र लिखकर दो साल से लंबित शिक्षा और स्वास्थ्य से संबंधित एमसीडी की 383.74 करोड़ रुपये की राशि जारी करने को कहा है।




