रिपोर्ट -अनमोल कुमार :-
पटना—महागठबंधन की सरकार बनने और जदयू से अलग होने के बाद बीजेपी ने मिशन 2024 की तैयारी शुरू कर दी है खासतौर पर बीजेपी की नजर इस बार सीमांचल की पूर्णिया,किशनगंज,कटिहार,सहित उन सीटों पर है जब वह 2014 के मोदी के तूफानी लहर में भी स नहीं जीत पाई थी खासतौर पर बीजेपी बिहार के सीमांचल के साथ सभी लोकसभा सीट पर विशेष रूप से अपनी तैयारी शुरू कर दी है अगले महीने सितंबर के 18 और 19 सितंबर को पूर्णिया और किशनगंज में एक बड़ी रैली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करने वाले हैं इस रैली को लेकर तमाम बीजेपी नेताओं को टास्क दिया गया है ताकि वह ग्रास रूट पर लोगों से मिलकर मोदी सरकार की योजनाओं के बारे में बता सके और रैली में भीड़ जुटा सके ।

केंद्रीय गृह मंत्री के बिहार में होने वाले रैली को लेकर भी अब सियासत शुरू हो गई है जेडीयू ने सीमांचल में होने वाले बीजेपी की महारैली पर अपनी नजर बनाए रखी है जेडीयू के संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने अमित शाह की रैली को लेकर जमकर तंज भी कस है उपेंद्र कुशवाहा ने बीजेपी की रैली के जगह चयन को लेकर भी सवाल उठाया है उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सीमांचल मुस्लिम बहुल इलाका है वहां पर लोगों की काफी जनसंख्या है और बीजेपी वहां रैली करके वहां वोटो का ध्रुवीकरण कर राजनीति करना चाहती है लेकिन बिहार के लोग सभी की मन्सा को भलीभांति समझते हैं। महागठबंधन पूरी तरह से एकजुट है और 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को महागठबंधन के ताकत का अंदाजा भी चल जाएगा जल्द ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूरे देश का भ्रमण करेंगे और विपक्षी दलों के तमाम नेताओं से बात करके एक बड़ा प्लेटफार्म भी तैयार करेंगे ।




