समता मूलक समाज की स्थापना हमारा उद्देश्य :- उपेंद्र कुशवाहा!

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धर्मेंद्र कुमार की रिपोर्ट :-

मोतिहारी के राजेंद्र नगर भवन में महात्मा फुले समता परिषद द्वारा आयोजित सामाजिक परिवर्तन में जाति गणना की भूमिका व उच्चतर न्यायालयका का लोकतंत्रीकरण विषयक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।उपेन्द्र कुशवाहा कहा कि समतामूलक समाज का मतलब ऐसे समाज से है जिसमे प्रत्येक व्यक्ति के प्रति समभाव ही ,जो हर व्यक्ति के प्रकिटिक ,संवैधानिक अधिकारों की पूर्ण का भरोसा प्रदान करता हो और हरेक व्यक्ति को समाज मे यथोचित सम्मान पाने के सभी अवसर समान रूप से उपलब्ध कराना हो।
बाइट :— पूर्व मंत्री, उपेन्द्र कुशवाहा।

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