बेगूसराय में गंगा समग्र दो दिवसीय अभ्यास वर्ग का समापन!

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प्रशान्त कुमार की रिपोर्ट:-

बेगूसराय में अंखड परम धाम में आयोजित दो दिवसीय गंगा समग्र कार्यकर्ता अभ्यास वर्ग के समापन के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए गंगा समग्र के राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामाशीष जी ने कहा कि गंगा देश के एक तिहाई आबादी का आधार है। गंगा समग्र का मतलब सिर्फ गंगा ही नहीं बल्कि अन्य नदियां, तालाब, कुंआ व झील भी है। हमने अविरल गंगा निर्मल गंगा का नारा दिया है, लेकिन हम नारे तक सिमटा नहीं रहना चाहते हैं। इसलिए हम लगातार जनजागरण अभियान में लगे हुए हैं। बेगूसराय में उत्तर व दक्षिण बिहार प्रांत के प्रमुख साथियों के साथ दो दिनों तक मंथन किया है और हमारे राष्ट्रीय कमेटी की बैठक अयोध्या में 20-23 अगस्त को होगी। यह चिंतन शिविर होगा, जिसमें महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने हैं।
रामाशीष ने कहा कि अविरल गंगा का सपना तभी साकार होगा जब बांध को तोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश सरकार पानी को सिर्फ उपयोग की वस्तु समझती थी। इसलिए वह पानी का उपयोग बिजली उत्पादन व सिंचाई में करने लगी। उस समय मदन मोहन मालवीय के नेतृत्व में लड़ाई लड़ी गई और ब्रिटिश सरकार पानी की अविरलता की मांग को स्वीकार किया। लेकिन जब देश में अपनी सरकार बन गई तो और बांध बनाई गई। नतीजतन पानी के प्रवाह को और कम कर दिया गया। उन्होंने कहा कि नदियों पर बांध बनाने का कार्य विदेश से आया और अब इसे तोड़ने का काम भी विदेशी प्रेरणा से होगा।
उन्होंने कहा कि गंगा किनारे के आसपास में रासायनिक खाद का उपयोग खेतों में नहीं होना चाहिए। इससे नाइट्रोजन व फास्फोरस बहकर नदियों में जाता है जिससे जल दूषित हो जाता है। उन्होंने कहा कि जैसे- जैसे हम प्रकृति प्रदत्त सुविधाओं का दुरुपयोग करना शुरू किया इसका नतीजा हम मानव जाति के सामने अशुद्ध जल, जहरीली हवा के साथ सामने आया।
इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रकल्प गंगा समग्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार सिंह उर्फ लल्लू बाबू ने कहा कि सनातन धर्म ऋषि परंपरा से निर्मित है जहां आस्था मानव की आवश्यकता अनुसार निर्माण हुआ। सनातन धर्म में गंगा मोक्षदायिनी कहीं गई है इसके जल को दूषित इसके प्रभाव को कम करना मानव जाति द्वारा किया गया जो आज संकट के रूप में हमारे सामने खड़ी दिखाई दे रही है। इसके मद्देनजर ही गंगा समग्र का निर्माण 2011 में किया गया।
अभ्यास वर्ग में उत्तर बिहार प्रांत के संयोजक विधान पार्षद सर्वेश कुमार ने कहा कि हम गंगा के अविरलता और निर्मलता को को बनाए रखने इसके प्रवाह को साफ रखने की दिशा में ठोस पहल की आवश्यकता है। गंगा समग्र के गंगा सेवकों का यह दायित्व बनता है कि मोक्षदायिनी गंगा की हिफाजत के साथ पर्यावरण रक्षा के लिए जो भी जरूरी उपाय जैसे पौधारोपण गंगा किनारे किया जाना चाहिए।

27 जिलों के लोगों ने लिया हिस्सा:

गंगा समग्र के चिंतन शिविर में उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के 27 जिले के लोगों ने हिस्सा लिया। इस चिंतन शिविर में विभिन्न जिलों से आए गंगा सेवकों ने गंगा की अविरल था और निर्मलता बनाए रखने के साथ-साथ गंगा घाटों पर आरती कराने के भी बातों पर बल दिया जिससे मोक्षदायिनी गंगा के प्रति आस्था के साथ लोग अपनी जिम्मेदारियों को स्वीकार करें
अयोध्या में 3 दिन का होगा चिंतन शिविर होगा इस चिंतन बैठक में आगामी अगस्त माह में उत्तर प्रदेश के अयोध्या नगरी में 20 अगस्त से 23 अगस्त तक चिंतन शिविर का आयोजन होना है इस निमित्त इस चिंतक बैठक में निर्णय लिया गया अयोध्या की बैठक की जानकारी देते हुए गंगा समग्र के राष्ट्रीय मंत्री राम आशीष सिन्हा ने कहा कि अयोध्या की बैठक में प्रत्येक जिले के जिला संयोजक और सहसंयोजक के साथ हर जिले से तीन एक्टिव सदस्य आमंत्रित हैं

दो दिवसीय चिंतन शिविर में गंगा सेवकों ने सनातन धर्म के साथ मोक्षदायिनी गंगा अविरलता बनाए रखने के लिए संकल्प लिया। बैठक में गंगा समग्र के राष्ट्रीय मंत्री रामाशंकर जी, उत्तर बिहार प्रांत के सह संयोजक श्रीराम तिवारी दक्षिण बिहार के गंगा समग्र सह संयोजक जयकिशोर पाठक बेगूसराय जिला के संयोजक अवधेश कुमार उर्फ पप्पू के साथ विभिन्न जिले से आए गंगा समग्र के संयोजक ने हिस्सा लिया। स्थानीय लोगों में डॉ एके राय, विनोद हिसारिया प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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