रिपोर्ट-अनमोल कुमार:-
मधेपुरा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय मधेपुरा के स्थानीय सुख शांति भवन में रविवार को युवा सशक्तिकरण ‘उठो जगत के वास्ते ‘विषय पर भव्य सेमिनार का आयोजन किया गया।
उक्त कार्यक्रम का उदघाटन ब्रह्माकुमारीज संस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रीय प्रभारी राजयोगिनी रंजू दीदी ,होली क्रॉस स्कूल की प्रिंसिपल बंदना जी, राष्ट्रीय जनता दल नेत्री सह प्रदेश महासचिव महिला प्रकोष्ठ रागिनी रानी उर्फ डॉली दीदी ,डॉक्टर प्रमोद कुमार श्रृंगी ऋषि सेवा फाउंडेशन के कार्यकर्ता सागर यादव, समाजसेवी प्रीति यादव, रामकृष्ण यादव ,पप्पू यादव, पूर्व प्रमुख घैलाढ़ विनय वर्धन खोखा यादव, ब्रह्माकुमारी दुर्गा बहन, संगीता बहन, मौसम बहन इत्यादिओने संगठित रूप में दीप प्रज्वलित करके शुभारंभ किया।
ब्रह्माकुमारीज संस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रिय प्रभारी राजयोगिनी रंजू दीदी जी ने अपने उदबोधन देते हुए कहा कि आज का युवा कल का भावी समाज है ।अगर भावी समाज को अच्छा बनाना है तो वर्तमान के युवा पीढ़ी को मूल्य निष्ठ और सशक्त बनाने की आवश्यकता है। वर्तमान के सशक्त युवा ही भावी समाज को सशक्त बना सकता है। उन्होंने सशक्त युवा की परिभाषा बताते हुए कहा कि जो व्यसन,नशा ,कुसंग,फ़ैसन, और बुराइयों को त्याग देता है ,वही सशक्त युवा बनता है। ऐसा सशक्त युवा देश व समाज की सेवा में हमेशा तत्पर रहता है ।और वही देश व समाज का असली संपत्ति है ।चरित्रवान और गुणवान युवाओं का समाज व देश के लिए बहुत ही आवश्यकता है ।राजयोगिनी रंजू दीदी जी ने उमंग और उत्साह का युवाओं के दो पंख बताते हुए कहा कि असंभव बातों को भी संभव बनाने के लिए जीवन में उमंग, उत्साह जरूरी है। जो युवाओं में रहता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कुसंग, व्यसन, सिनेमा और फैसलों में युवा पीढ़ी भटक रही है ।जबकि आध्यात्मिक ज्ञान और नैतिक शिक्षा द्वारा युवा पीढ़ी को नई दिशा मिल सकती है ।उन्होंने कहा कि सिनेमा इंटरनेट व टीवी के युग में युवा पीढ़ी पर पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव पड़ रहा है ।जिससे युवा पीढ़ी को बचाने की आवश्यकता है।उन्होंने सभी को मेडिटेशन भी सिखाया।औऱ कहा राजयोग से एकाग्रता बढ़ेगी।
भौतिक शिक्षा के साथ -साथ नैतिक शिक्षा की भी आवश्यकता
राष्ट्रीय जनता दल नेत्री सह प्रदेश महासचिव महिला प्रकोष्ठ रागिनी रानी उर्फ डॉली दीदी जी ने अपने उदबोधन देते हुए कहा की बच्चो के विकास के लिए भौतिक शिक्षा के साथ नैतिक शिक्षा भी जरूरी है। हर मनुष्य को जीवन मूल्यों की रक्षा करना चाहिए। इन मूल्यों की रक्षा करने वाला अमर बन जाता है।
रागिनी रानी जी ने कहा कि समाज में व्यक्ति दो चीजों से पहचाना जाता है ।पहला ज्ञान और दूसरा उसका नैतिक व्यवहार ।व्यक्ति के सर्वांगीण विकास के लिए यह दोनों ही अति आवश्यक है ।अगर ज्ञान सफलता की चाबी है तो नैतिकता सफलता की सीढ़ी ।एक के अभाव में दूसरें का पतन निश्चित है ।नैतिकता के कारण ही विश्वास में दृढ़ता और समझ में प्रखरता आती है ।उन्होंने कहा की नैतिक शिक्षा गुणों का विकास करती है । बच्चों को संस्कारों से जोड़ती है । उन्हें उनके कर्तव्यों का ज्ञान कराती है । परिवार, समाज, समूह के नैतिक मूल्यों को स्वीकारना तथा सामाजिक रीति – रिवाजों, परम्पराओं व धर्मों का पालन करना सिखाती है ।उन्होंने कहा कि नैतिक शिक्षा वह शिक्षा है जो हमें बड़ों का आदर करना, सुबह जल्दी उठाना, सत्य बोलना, चोरी न करना, माता – पिता के चरणस्पर्श करना तथा अपराधिक प्रवृतियों से दूर रहना सिखाती है ।
होली क्रॉस स्कूल के प्रिंसिपल श्रीमती वंदना जी ने अपने उदबोधन देते हुए कहा कि बचपन से ही बच्चों को नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाने से उन्हें भले – बुरे, उचित – अनुचित का ज्ञान हो जाता है । वह समझने लगता है कि कौन सा व्यवहार सामाजिक है और कौन सा व्यवहार असामाजिक । किन व्यवहारों को करने से समाज में प्रतिष्ठा, प्रंशसा एवं लोकप्रियता मिलती है और किससे नहीं। औऱ ब्रह्माकुमारीज के द्वारा की जा रही प्रयासों के लिए सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
पूर्व प्रमुख घैलाढ़ विनय बर्धन खोखा यादव जी ने कहा कि वर्तमान समाज में बदलाव लाने के लिए युवा पीढ़ी में नैतिक शिक्षाओं का अलख जगाना जरूरी है।
मौके पर समाजसेवी रामकृष्ण यादव, पप्पू यादव, पूर्व प्रमुख विनय वर्धन खोखा यादव, बिहार पुलिस संगीता यादव, प्रोफेसर सतीश कुमार सिंह, विजय वर्धन, संजय वर्धन प्रीति कुमारी ,सागर यादव, ब्रम्हाकुमारी दुर्गा बहन, मौसम बहन इत्यादि सैकड़ों युवाओं उपस्थित होकर के उक्त कार्यक्रम का लाभ लिया।




