धीरज शर्मा की रिपोर्ट
आईएमए हॉल में विश्व हाइपरटेंशन दिवस पर सेमिनार का हुआ आयोजन!
विश्व हाइपरटेंशन दिवस हर साल 17 मई को मनाया जाता है इसे मनाने का उद्देश्य उच्च रक्तचाप के प्रति लोगों को जागरूक करना ताकि वह हृदय रोग, पक्षपात, न्यूरोपैथी ,नेत्र रोग एवं किडनी की गंभीर बीमारियों को कंट्रोल कर सके। यह बातें आज आईएमए भागलपुर एवं एपीआई भागलपुर के द्वारा प्रेस वार्ता के दौरान आईएमए के सचिव डॉ मनीष कुमार ने कहीं। प्रो डाक्टर डी. पी .सिंह, (convener, आईएमए , स्टैंडिंग कमिटी, हाइपरटेंशन) ने कहा कि ब्लड प्रेशर जांचने की प्रक्रिया सही होनी चाहिए डॉक्टर के पास पहुंचने के फौरन बाद ब्लड प्रेशर नहीं मापना चाहिए बल्कि कुछ मिनट शांत बैठने के बाद 5 मिनट के अंतराल में तीन बार ब्लड प्रेशर मापना चाहिए जांच की जगह के आसपास हल्ला गुल्ला नहीं होना चाहिए तथा तीन बार की जांच के औसत को ही सही ब्लड प्रेशर माना जाना चाहिए उन्होंने कहा कि 33 परसेंट पुरुष एवं 25 परसेंट महिलाएं हमारे देश में हाइपरटेंशन से ग्रसित हैं तथा 18 साल से ऊपर के नौजवान तीन में एक इस बीमारी की चपेट में है जीवन शैली में बदलाव ,नमक का इस्तेमाल कम करना सिगरेट एवं शराब से बचना, वसायुक्त का नहीं इस्तेमाल करना ,इस घातक बीमारी से बचने का उपाय है। डॉक्टर भारत भूषण अध्यक्ष एपीआई भागलपुर ने कहा कि तीन में एक नौजवान हाइपरटेंशन से पीड़ित है डॉ ओबैद अली, सचिव, एपीआई भागलपुर ने कहा कि हाइपरटेंशन को हल्के में नहीं लेना चाहिए क्योंकि ब्रेन हेमरेज हार्ट फेल्योर का खतरा बन जाता है इसलिए नियमित रूप से बीपी की जांच कराते रहना चाहिए। डॉ आशीष सिन्हा ने बीपी मापने के लिए जो मापदंड अपनाना चाहिए उसकी जानकारी विस्तार से बताई उन्होंने कहा कि मोटे दुबले एवं बच्चों का ब्लड प्रेशर मापने के लिए कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। डॉक्टर विनय झा एवं डॉ कुमार सुमित ने भी इस मौके पर अपनी बात रखी। आखिर में डॉक्टर मनीष कुमार ने धन्यवाद डॉक्टरों ,मीडिया कर्मियों एवं फार्मा कंपनी के सैयद जीजाह हुसैन, विश्वजीत चौधरी, रोशन कुमार को दिया जो इस मौके पर उपस्थित थे।




