ब्यूरो रिपोर्ट
कहा कोरोना से निपटने की दिशा में राज्य ने पेश की पूरे देश में मिसाल
दुमका
उपराजधानी दुमका के ऐतिहासिक गांधी मैदान में पार्टी के 43 वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में अब 60 वर्ष से अधिक उम्र का कोई भी व्यक्ति पेंशन से वंचित नहीं रहेगा। इसके लिए सरकार ने यूनिवर्सल पेंशन स्कीम शुरू की है । इस स्कीम के तहत पेंशन प्राप्त करने के लिए अधिकतम संख्या की बाध्यता खत्म कर दी गई है। योग्यता रखने वाले सभी लाभुकों को अब पेंशन मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि गरीबों को अब हर महीने पेट्रोल पर 25 रुपए प्रति लीटर की दर से हर माह 10 लीटर पेट्रोल पर अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न विकास और कल्याणकारी योजनाओं से लोगों को अवगत कराया और इसका लाभ लेने के लिए आगे आने को कहा। उन्होंने कहा कि अब विधवा पेंशन एवं दिव्यांग पेंशन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, प्रत्येक योग्य लाभुकों को इसका लाभ मिलेगा|
पारा शिक्षकों के वर्षो से लंबित समस्या का किया समाधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारा शिक्षक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करते आ रहे थे। लेकिन, उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा था । हमारी सरकार ने पारा शिक्षकों की मांगों पर सकारात्मक कदम उठाते हुए उनके हित में कई निर्णय लिए । अब पारा शिक्षक पूरे सम्मान के साथ कार्य कर सकेंगे। शिक्षा के विकास के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं, आदिवासी विद्यार्थियों को विदेशों में उच्च शिक्षा के ग्रहण हेतु शत-प्रतिशत छात्रवृत्ति देने योजना भी सरकार ने शुरू की है। हमारा प्रयास राज्य के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देना है|राज्य में अब निजी स्कूलों से अच्छे अंग्रेजी मिडीयम स्कूल खोले जाएंगे|
कोरोना से निपटने की दिशा में राज्य ने पेश की मिसाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी से निपटने के लिए राज्य सरकार ने जो कदम उठाए, वह आज मिसाल के तौर पर देश- दुनिया के सामने देखा जा रहा है। हमारी सरकार ने सीमित संसाधनों के बीच बेहतर प्रबंधन और लोगों के सहयोग से कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी को नियंत्रित करने में कामयाबी हासिल की । इतना ही नहीं, लॉकडाउन के दौरान जब दुनिया थम सी गई थी, उस कठिन और चुनौतीपूर्ण दौर में जीवन और जीविका के लिए सरकार ने हर स्तर पर कार्य योजनाएं बनाकर उसे बेहतरीन तरीके से लागू करने का काम किया। दूसरे राज्य में फंसे मजदूरों को हवाई जहाज, ट्रेन और बसों तथा अन्य वाहनों के माध्यम से वापस लाया गया । वहीं, गरीबों और जरूरतमंदों को को मुफ्त में भोजन उपलब्ध कराया गया । हालांकि, कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है । ऐसे में हमें सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है । सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करें, ताकि इस महामारी से चल रही जंग को जीतने में हम कामयाब हों।




