नशा एक सामाजिक बुराई,जिले में चलाया जाए नशा विरोधी जागरूकता अभियान – उपायुक्त

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ब्यूरो रिपोर्ट शंखनाद

नशा मुक्त समाज निर्माण के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करना होंगा – उपायुक्त

दुमका

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी ने कहा कि जिले में नशा विरोधी जागरूकता अभियान चलाया जाए। नशा एक सामाजिक बुराई है। इस बुराई को समाप्त करने के लिए समाज को एकजुट होना होगा। नशीले पदार्थों  का सेवन बुरी चीज है। नशा जहां स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है वहीं घर-परिवार की सुख-शांति छीन लेता है। बच्चों के भविष्य को ख़राब कर देता है। नशा मुक्त समाज निर्माण के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।
नशा  विरोधी अभियान के तहत जिला को नशा मुक्त करने के लिए प्रशासन  द्वारा एनजीओ,निजी संगठनों एवं स्कूलों के बच्चों, शिक्षकों, परिवार के सदस्यों को जागरूक करने हेतु शपथ दिलाया जाए।
उन्होंने जिला शिक्षा अधीक्षक को निर्देश दिया कि स्कूलों में बच्चों,शिक्षकों एवं कर्मियों को शपथ दिलाई जाए कि
जिंदगी को हॉ और नशे को ना कहें शपथ (Say Yes to Life, No to Drugs Pledge)

हमें अहसास है कि हमारे देश में विशेष रूप से युवाओं के बीच नशीली दवाओं का दुरुपयोग बढ़ता जा रहा है और ये चिंता का विषय है, हम शपथ लेते है कि हम नशीली दवाओं के दुरूपयोग की रोकथाम में सहयोग करेंगे। हम यह वचन देते हैं कि किसी भी प्रयोजन के लिए किसी भी प्रकार से हानिकार अथवा अवैध पदार्थों का सेवन नहीं करेंगे।

हम प्रत्येक व्यक्ति, विशेषतः युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए नशीली दवाओं के दुष्टप्रभावों के संबंध में जागरूकता पैदा करेंगे ताकि भारत का युवा वर्ग नशामुक्त जीवन-यापन कर सके और वे समाज के रचनात्मक एवं महत्वपूर्ण सदस्य बन सके।
आज हम प्रतिज्ञा करते हैं कि नशे से दूर रहेंगे और स्वस्थ जीवन-यापन करेंगे।

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