रिपोर्ट – प्रमोद कुमार!
सीवान के जामो थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में देर शाम एक मकान में जोरदार धमाका हुआ, जिसमें कई परिवारों की खुशियां मातम में बदल गईं। बताया जा रहा है कि जिस मकान में विस्फोट हुआ, वहां पटाखे बनाने का काम किया जाता था।
इस दर्दनाक हादसे में पांच लोगों की मौत की सूचना सामने आई है। मृतकों में एक सात साल का मासूम भी शामिल है। वहीं, एक युवती के घायल होने की भी जानकारी मिली है। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और घटनास्थल पर पुलिस-प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
जानकारी के मुताबिक, यह विस्फोट आलमपुर निवासी अमरूद्दीन मियां के मकान में हुआ। मृतकों में मकान मालिक अमरूद्दीन मियां, उनकी पोती मुस्कान सिद्दीकी, सिमरन और नुसरत जहां के नाम सामने आए हैं। इसके अलावा फिरोज अहमद के सात वर्षीय पुत्र और सदरपुर निवासी मजदूर भोला सिंह की भी मौत की सूचना है। हालांकि, मृतकों की संख्या और पहचान को लेकर आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
इस हादसे में सिमरन की बहन रानी के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था और उपचार के बाद उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
वहीं, इस मामले में एक और बड़ी जानकारी सामने आई है। घटनास्थल के आसपास के खेतों से एथी बारूद बरामद किए जाने की बात सामने आई है, जिसे प्रशासन ने सील कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना से FSL यानी फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम भी मौके पर पहुंची है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर विस्फोट के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई हैं। इसके साथ ही प्रशासन की तमाम टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई हैं।
इस घटना से जुड़ी एक और बेहद दर्दनाक जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि मकान मालिक अमरूद्दीन मियां का परिवार पहले भी विस्फोट की त्रासदी झेल चुका है। वर्ष 2004 में हुए एक अन्य विस्फोट में उनके पुत्र मुराद अहमद की मौत हो गई थी। वहीं, उनके एक अन्य पुत्र आजाद मियां की कथित तौर पर अपराधियों ने हत्या कर दी थी। परिवार के सबसे छोटे पुत्र रियाज मुंबई में रहते हैं।
फिलहाल, पुलिस और प्रशासन की टीमें पूरे मामले की जांच कर रही हैं। खेतों से बारूद की बरामदगी और पटना से पहुंची FSL टीम की जांच के बाद विस्फोट से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर आलमपुर में इतना भीषण विस्फोट कैसे हुआ? क्या मकान में पटाखे बनाने के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था? और क्या समय रहते सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए होते, तो इस दर्दनाक हादसे को टाला जा सकता था? इन सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।



