सचिन केजरीवाल की रिपोर्ट
कहा वर्तमान निवेशकों का पैसा नही है सेबी के पास
सहारा निवेशक संघर्ष समिति करेगी पीआईएल
साहिबगंज
सहारा प्रकरण को ले कर हम लगातार शंखनाद न्यूज़ पोर्टल पर निवेशकों की आवाज उठा रहे हैं|हमारा मकसद किसी विवाद में पड़ना नहीं है,हम निवेशकों की आवाज सहारा,सेबी, केन्द्र एवं राज्य सरकार तक पहुंचा रहे हैं| जैसा कि हमने पहले ही आपको बताया था की वर्तमान में भुगतान की मांग कर रहे निवेशकों का सहारा सेबी विवाद से कोई लेना देना नहीं है| अब इस बात की पुष्टि सेबी के राज्य कार्यालय रांची और महाराष्ट्र स्थित मुख्यालय के अधिकारियों ने भी कर दी है|सेबी के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि विकास चौधरी जो अभी हाल ही में बनाई गई सहारा निवेशक संघर्ष समिति के अध्यक्ष से की है|इस बात की जानकारी स्वयं विकास चौधरी द्वारा दी गई है। उन्होंने सभी निवेशकों को जानकारी देते हुए बताया है कि
आप सभी अवगत हो चुके हैं कि सहारा समूह के द्वारा विगत 5 वर्षों से भुगतान में लापरवाही की जा रही है एवं सच्चाई को छुपाते हुए निवेशकों को सहारा- सेबी विवाद को झूठे और भ्रामक तरीके से परोसा जा रहा है। सच्चाई यह है कि सेबी के द्वारा सिर्फ दो योजना (सहारा इंडिया रियल स्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड, सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड) का पैसा सहारा-सेबी के संयुक्त खाते में जमा करवाया गया था और इस संयुक्त खाते में जमा की गई रकम से सेबी ने अपने 99 प्रतिशत निवेशकों को भुगतान भी कर दिया है। इसके लिए सेबी के द्वारा कई बार देश के सभी प्रमुख अखबारों में विज्ञापन भी दिया गया था। चार दिन पूर्व मैंने सेबी के राज्य कार्यालय रांची एवं नवी मुंबई स्थित प्रधान कार्यालय से भी संपर्क किया, जिसमे मुझे सेबी के अधिकारियों के द्वारा जो जानकारी दी गई उसके अनुसार वर्तमान में जिन निवेशकों का पैसा सहारा के द्वारा समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है उस पर कोई विवाद है ही नहीं ना ही इस संबंध में कोई रकम सेबी-सहारा के संयुक्त खाते में जमा है। प्राप्त सूचना के मुताबिक सिर्फ साहिबगंज शहरवासियों का वर्तमान में 60 करोड़ भुगतान हेतु बकाया है यह रकम मार्च 2020 तक की रकम है। इसके बाद भी अगर इसकी गणना की जाए तो यह अरबों में हो सकती है। अतः इस सूचना के माध्यम से मैं साहिबगंज शहर के वैसे सहारा निवेशक जिनका जमा धन मैच्योरिटी हो गया है इसके अलावे ऐसे निवेशक जिनका पैसा सहारा बैंक साहिबगंज में जमा है उन सभी से कहना चाहता हूं कि सहारा निवेशक संघर्ष समिति साहिबगंज के द्वारा उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका इसके लिए दायर की जानी है, इस विषय में आप सभी से मार्गदर्शन की अपेक्षा है। अगर जल्द कदम नहीं उठाए गए तो सिर्फ साहिबगंज शहरवासियों का जिसमें गरीब, दिहाड़ी मजदूर, मध्यमवर्गीय, व्यवसायी एवं नौकरी पेशा वाले लोगों ने अपना जीवन की गाढ़ी कमाई इसमें जमा की है वह हम सभी के हाथों से निकल जाएगी। सहारा निवेशक संघर्ष समिति ग्रुप से जुड़ने के लिए आप सभी निवेशक सादर आमंत्रित हैं।




