सिवान- SIR के विरोध में इंडिया गठबंधन का प्रदर्शन, पुलिस के साथ धक्का मुक्की!

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रिपोर्ट- प्रमोद/सिवान!


सीवान में SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के मुद्दे को लेकर इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस, राजद, वीआईपी और माले समेत कई दलों के नेता और कार्यकर्ता महादेवा स्थित वीएम हाई स्कूल परिसर में जुटे और हाथों में झंडे-बैनर लेकर जुलूस निकाला।

जुलूस मालवीय चौक और एसडीओ कोर्ट होते हुए डीडीसी कार्यालय के समीप पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले से बैरिकेडिंग कर रखी थी। बैरिकेडिंग के पास पहुंचते ही प्रदर्शनकारियों ने उसे हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक की स्थिति बन गई।

प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी और महिला-पुरुष जवानों की तैनाती की गई थी। सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता, सदर-1 प्रभारी एसडीपीओ अजय कुमार चौधरी, नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार, हुसैनगंज थाना प्रभारी मोहन प्रसाद सिंह समेत कई थानों के थानाध्यक्ष मौके पर मौजूद रहे।

हालांकि, बाद में प्रशासन की ओर से पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को समाहरणालय जाने की अनुमति दी गई। इंडिया गठबंधन के पांच प्रमुख नेताओं ने जिला पदाधिकारी कार्यालय पहुंचकर डीएम विजय प्रकाश मीणा को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।

वहीं, प्रदर्शन के दौरान पुलिस बैरिकेडिंग को लेकर एक और विवाद सामने आया। जिस रास्ते पर प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी, उसी रास्ते से जिला जज समेत अन्य न्यायालयों में आने-जाने वाले अधिवक्ता और आम लोग गुजरते हैं।

कुछ समय के लिए पुलिस की ओर से वकीलों और अन्य लोगों को रास्ते से गुजरने से रोक दिया गया, जिसके बाद अधिवक्ताओं और प्रभारी एसडीपीओ अजय कुमार चौधरी के बीच तीखी नोकझोंक की स्थिति बन गई। बाद में सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता ने हस्तक्षेप कर रास्ता खुलवाया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। इस घटना को लेकर अधिवक्ताओं में नाराजगी भी देखी गई।

प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन भी किया गया और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। प्रदर्शनकारियों ने SIR को समाप्त करने और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली का विरोध किया।

ज्ञापन सौंपने के बाद राजद नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने बीजेपी के साथ मिलकर बिहार और बंगाल में निष्पक्ष चुनाव नहीं होने दिया।

अवध बिहारी चौधरी ने SIR के माध्यम से वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे जाने का आरोप लगाते हुए बिहार, बंगाल समेत उन सभी जगहों पर दोबारा चुनाव कराने की मांग की, जहां SIR के बाद चुनाव हुए हैं।

इसके साथ ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से बर्खास्त करने, उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग भी की।

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