पटना से अमित कुमार की रिपोर्ट
मतदाता पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर आज बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रेस वार्ता की और विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि पहले भी बिहार में 2003 में SIR हुआ था, जब 4 करोड़ 96 लाख मतदाता नोटेड हुए थे, उस समय राबड़ी देवी बिहार की सीएम थीं। ड्राफ्ट कॉपी आने के बाद विंडो खोली गई कि कोई भी आवेदन दे सकता है। 2003 में इलेक्टोरल रोल में जिनका नाम है उनको कोई दिक्कत नहीं है। जिनका नाम नहीं है उनके माता-पिता का कागज या परिवार का कागज देकर नाम जोड़ने की प्रक्रिया होगी।
उन्होंने बताया कि 7 लाख लोगों का नाम एक से ज्यादा जगहों पर मतदाता सूची में था जिसे काटा गया। 7 करोड़ 42 लाख मतदाता आइडेंटिफाई किए गए। इनमें 22 लाख मृतक पाए गए और कुल 60 लाख से अधिक लोगों का नाम कटा है।
राहुल गांधी के बिहार भ्रमण पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि नवादा में एक शख्स पर प्रश्न उठाया, औरंगाबाद के अमन पर प्रश्न उठाया, राघोपुर के कुछ साथियों को दिल्ली बुलाकर डिनर कराया और कहा कि उनका नाम मतदाता सूची में नहीं है। कांग्रेस के युवराज और राजद के युवराज टूरिज्म पर घूमते हैं। पूरे SIR के दौरान राहुल और तेजस्वी एक भी प्रमाण वाला व्यक्ति खड़ा नहीं कर पाए।
सीएम ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का मतलब है परिवार की पार्टी। 10 साल तक कांग्रेस ने राहुल को नेता नहीं बनाया। कोई एक परिवार इस देश में दोषी है तो वो कांग्रेस पार्टी है। आज जब गरीब परिवार से आने वाले मोदी जी पीएम बन गए तो इनके पेट में दर्द हो रहा है।
तेजस्वी के चुनाव रद्द करने वाले बयान पर उन्होंने कहा कि कोई प्रमाण होना चाहिए, न्यायालय भी है। लोकतंत्र पर इलेक्शन कमीशन ने तय कर दिया है, अब न्यायालय को तय करना है कि गड़बड़ी हुई है या नहीं, जनता तय करेगी किसे जिताना है।
मुकेश सहनी के बयान पर उन्होंने कहा कि उनकी मानसिक स्थिति ऐसी है जिन्होंने कहा था कि सात खून माफ होता तो ज्ञानेश कुमार को गोली मार देते। सीजेपी के प्रदर्शन पर कहा कि मुद्दों के साथ आना चाहिए। इलेक्शन कमीशन ने कहा है कि हम सब एक साथ हैं।
इंडिया गठबंधन की 30 तारीख को होने वाली बैठक दल पर उन्होंने कहा कि अब इंडी गठबंधन में कोई बचा कहां है, धीरे-धीरे सब खत्म हो जाएगा। दल



