मधुबनी- विदेश में नौकरी दिलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 63 पासपोर्ट जब्त!

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रिपोर्टर– राजीव कुमार झा!

घोघरडीहा थाना द्वारा किया गया फर्जी पासपोर्ट एवं अवैध विदेशी वीजा गिरोह का पर्दाफाश

1मोटरसाईकिल एवं 04 मोबाइल के साथ अपराधी चढ़े पुलिस के हत्थे, सरकारी कर्मी भी था संलिप्त

ऐंकर– मधुबनी,रविवार रात करीब 2 बजे घोघरडीहा थाना की पुलिस टीम हनुमान चौक के पास रात्रि गश्ती एवं विशेष वाहन चेकिंग अभियान के दौरान एक बाइक पर सवार दो व्यक्ति मोहम्मद इरशाद और मोहम्मद रफ़ी घोघरडीहा थाना की पुलिस टीम के हत्थे चढ़ गए। जिनकी तलाशी लेने पर बैग से भारत के विभिन्न राज्यों एवं जिलों से निर्गत कुल तिरसठ (63) मूल पासपोर्ट, पांच (05) खाली रजिस्ट्री लिफाफे एवं दो (02) मोबाइल फोन बरामद किए गए। दोनों व्यक्ति की निशानदेही पर मुख्य सरगना मोहम्मद आरजू तथा डाककर्मी मोहम्मद अदनान हुसैन को भी उनके घरों से तत्काल सघन छापामारी करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया। चारों व्यक्ति के पास से कुल 63 पासपोर्ट, एक मोटरसाईकिल, चार मोबाईल और पांच डाक लिफाफे बरामद किये गए। घटना को लेकर घोघरडीहा थाना द्वारा सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार चारों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। साथ ही पुलिस द्वारा गिरोह से जुड़े पटना व कानपुर के एजेंटों की गिरफ्तारी हेतु विधि सम्मत अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। उक्त बातें सोमवार को मधुबनी के पुलिस अधीक्षक ने प्रेस वार्ता कर बताया।

रात दो बजे के करीब 1 बाइक से 63 पासपोर्ट के साथ दो लोगों को किया गया गिरफ्तार

मधुबनी के वरीय पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने सोमवार को मीडियाकर्मियों को बताया कि रविवार (6 से 7 सितंबर 2026) के मध्य रात्रि समय करीब 02:00 बजे घोघरडीहा थाना की पुलिस टीम हनुमान चौक के पास रात्रि गश्ती एवं विशेष वाहन चेकिंग अभियान पर थी तो शत्रुपट्टी की ओर से आ रहे एक (01) मोटरसाइकिल सवार दो (02) व्यक्ति पुलिस टीम को देखकर अचानक बाइक घुमाकर भागने लगे। पुलिस बल द्वारा तत्परता दिखाते हुए दोनों को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान मोहम्मद इरशाद, पिता मोहम्मद आरजू, गांव किसनीपट्टी, थाना- घोघरडीहा, जिला- मधुबनी एवं रफी अहमद, पिता सफी अहमद, गांव शत्रुपट्टी, थाना- घोघरडीहा, जिला- मधुबनी के रूप में हुई। गिरफ्तार व्यक्तियों के पास मौजूद काले रंग के बैग तथा मोटरसाइकिल की विधिवत तलाशी लेने पर बैग से भारत के विभिन्न राज्यों एवं जिलों से निर्गत कुल तिरसठ (63) मूल पासपोर्ट, पांच (05) खाली रजिस्ट्री लिफाफे एवं दो (02) मोबाइल फोन बरामद किए गए।

निशानदेही पर मुख्य सरगना सहित दो अन्य गिरफ्तार

पूछताछ में मोहम्मद इरशाद ने पुलिस को बताया कि उसके पिता मोहम्मद आरजू द्वारा गांव के ग्रामीण डाक सेवक मोहम्मद अदनान हुसैन के पते पर देश के अलग-अलग हिस्सों से विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर पासपोर्ट मंगवाए जाते हैं। इसके बाद वे दोनों इन पासपोर्ट्स को बिहार के पटना, यूपी के कानपुर (मयंक व श्रवण) और पंजाब एवं महाराष्ट्र के एजेंटों तक पहुंचाने का काम करते हैं। पुलिस द्वारा पूछताछ के दौरान प्राप्त स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल सघन छापामारी करते हुए मुख्य सरगना मोहम्मद आरजू, पिता मोहम्मद खलील, गांव किसनीपट्टी, थाना- घोघरडीहा, जिला- मधुबनी तथा डाककर्मी मोहम्मद अदनान हुसैन, पिता कमरे आलम, गांव शत्रुपट्टी, थाना- घोघरडीहा, जिला मधुबनी को भी उनके घरों से विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया तथा उनके पास से दो (02) मोबाइल फोन जब्त किए गए। पूछताछ में मोहम्मद आरजू ने बताया कि रूस में रहने के दौरान वह अंतरराष्ट्रीय एजेंटों के संपर्क में आया था।

वर्ष 2024 से अंतरराष्ट्रीय एजेंटों के संपर्क द्वारा चलाया जा रहा था तस्करी का सिंडिकेट

उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 से उन्होंने डाककर्मी की मिलीभगत से नौकरी का प्रलोभन देकर लोगो से पासपोर्ट मंगाता था तथा प्रति पासपोर्ट 2-2 लाख रूपया लेकर टूरिस्ट वीजा पर अवैध रूप से विदेश भेजता था। साथ ही अन्य लोगों के नाम पर फर्जी पासपोर्ट व दस्तावेज तैयार कर तस्करी का सिंडिकेट चला रहा था। जिसमें विदेश में इनका पासपोर्ट रखा लिया जाता था और इनसे घरेलू काम या अन्य काम या यहां यहां तक कि युद्ध में भी इन्हें भेज दिया जाता था। इस संदर्भ में घोघरडीहा थाना द्वारा सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी संख्या 210/26 दर्ज कर गिरफ्तार चारों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। पुलिस द्वारा गिरोह से जुड़े पटना व कानपुर के एजेंटों की गिरफ्तारी हेतु विधि सम्मत अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। ज्ञात हो कि वरीय पुलिस अधीक्षक, मधुबनी एवं पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के निर्देशन में मधुबनी पुलिस द्वारा विधि व्यवस्था संधारण एवं अपराध नियंत्रण के दृष्टिकोण से लगातार वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा हैं। इसी क्रम में इस गिरफ्तारी ने एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसके बाद नेपाल के साथ बिहार के मधुबनी जिले की लगभग 135 किलोमीटर लंबी सीमा की सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल उठ गया है।

बाईट: योगेंद्र कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक मधुबनी

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