351 फीट लंबी कांवड़ लेकर 85 किमी पैदल निकले कांवरिये,देखने को उमड़ी भीड़!

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रिपोर्ट – ऋषभ कुमार!

351 फीट लंबी कांवड़ लेकर 85 किमी पैदल निकले कांवरिया, देखने उमड़ी भीड़,दो लाख रुपए की लागत से 10 कारीगरों ने आठ दिनों में कावड़ तैयार किया तैयार, गांव में एकता बनाए रखना है मुख्य उद्देश्य

वैशाली. सावन की तीसरी सोमवारी पर बाबा गरीबनाथ धाम पर जलाभिषेक के लिए भगवानपुर प्रखंड के विशुनपुर बांदे गांव के कांवरिया इस बार 351 फीट लंबी विशाल कांवड़ लेकर बाबा गरीबनाथ मंदिर, मुजफ्फरपुर के लिए निकले हैं. कांवरिया शुक्रवार की सुबह छपरा जिले के पहलेजा घाट से दक्षिणी वाहिनी गंगा का पवित्र जल उठाया और बोलबम बोल बम के जयकारे के साथ बाबा गरीबनाथ मंदिर की ओर प्रस्थान किया. पहलेजा घाट से बाबा गरीबनाथ मंदिर की दूरी करीब 85 किलोमीटर है. कांवरिए यह पूरी यात्रा नंगे पांव तय कर रहे हैं. विशाल कांवड़ के साथ निकली इस यात्रा को देखने के लिए हाजीपुर-मुजफ्फरपुर एनएच-22 और कांवड़ पथ पर जगह-जगह लोगों की भीड़ उमड़ रही है. 351 फीट लंबी इस कांवड़ को देखने के लिए चौक-चौराहों पर लोगों की भीड़ जुट रही है. कांवड़ के साथ 100 से अधिक लोग शामिल हैं. इतनी लंबी कांवड़ को एक साथ लेकर चल रहे कांवरियों का दृश्य लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इससे पहले इतनी लंबी कांवड़ यात्रा नहीं देखी है. कांवड़ यात्रा के दौरान कांवरिए बोल बम के जयकारे लगाते हुए बाबा गरीबनाथ की ओर बढ़ रहे हैं.

10 कारीगरों ने आठ दिनों में तैयार की कांवड़

विशाल कांवड़ का निर्माण महेश गुप्ता के मार्गदर्शन में कराया गया है. इसके निर्माण में करीब दो लाख रुपए खर्च हुए हैं. 10 कारीगरों ने लगातार आठ दिनों तक मेहनत कर इसे तैयार किया. पिछले कई वर्षों से कांवड़ की लंबाई लगातार बढ़ाई जा रही है. इस बार 351 फीट लंबी कांवड़ तैयार कराई गई है.

कांवड़ के नेतृत्वकर्ता महेश गुप्ता और रमेश ठाकुर ने बताया कि वे लगातार छह वर्षों से कांवर लेकर बाबा गरीबनाथ मंदिर पहुंचते हैं और वहां बाबा का जलाभिषेक करते हैं. उन्होंने कहा कि इस आयोजन में ग्रामीणों का भरपूर सहयोग मिलता है। ग्रामीणों के सहयोग और सामूहिक प्रयास से ही इतनी बड़ी कांवड़ तैयार कर यात्रा निकालना संभव हो पाता है.

गांव में एकता बनाए रखना है मुख्य उद्देश्य

आयोजकों ने बताया कि इस कांवड़ यात्रा का मुख्य उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ गांव में आपसी एकता और भाईचारे को मजबूत करना है. बड़ी संख्या में ग्रामीण एक साथ यात्रा में शामिल होते हैं, जिससे लोगों में सहयोग और सामूहिकता की भावना बढ़ती है. कांवरिया पहलेजा घाट से गंगाजल लेकर बाबा गरीबनाथ मंदिर पहुंचेंगे और वहां पवित्र जल से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे.

पहलेजा घाट से यात्रा शुरू होने के बाद कांवड़ जैसे-जैसे हाजीपुर-मुजफ्फरपुर कांवड़ पथ पर आगे बढ़ रही है, लोग सड़क किनारे खड़े होकर विशाल कांवड़ और कांवरियों की टोली को देख रहे हैं. हाजीपुर से लेकर मुजफ्फरपुर तक लगे कई शिविरों में लोगों ने कांवरियों का स्वागत भी किया कांवरियों का उत्साह और भक्ति देखते ही बन रही है. आयोजकों का कहना है कि बाबा गरीबनाथ की कृपा और ग्रामीणों के सहयोग से यह यात्रा हर वर्ष इसी तरह जारी रहेगी.

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