रिपोर्ट :- संतोष चौहान!
सुपौल :- जिले के छातापुर प्रखंड मुख्यालय स्थित बंधन होटल परिसर में नवनिर्मित अर्धनारीश्वर मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर रविवार को भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। शहनाई और बैंड-बाजे के साथ निकली शोभायात्रा में 1,001 महिलाओं ने हिस्सा लिया। लाल-पीले वस्त्रों में सुसज्जित महिलाएं सिर पर कलश लेकर कतारबद्ध होकर श्रद्धापूर्वक चल रही थीं।
पूर्णिया से आए प्रमुख आचार्य पंडित दयानाथ मिश्र के सानिध्य में निकली कलश शोभायात्रा में यजमान पनोरमा ग्रुप के सीएमडी संजीव मिश्रा अपनी धर्मपत्नी कविता मिश्रा के साथ सिर पर मुख्य कलश लेकर शामिल हुए। स्थानीय गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों एवं सैकड़ों धर्मप्रेमियों ने हाथों में पताका लेकर शोभायात्रा में भाग लिया।
मुख्य सड़क से निकली शोभायात्रा के दौरान भोलेनाथ, जय श्रीराम और जय हनुमान के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कलशयात्रा मुख्य बाजार होते हुए बस पड़ाव पहुंची, जहां से करीब दो किलोमीटर दूर सुरसर नदी घाट तक गई। नदी घाट पर विद्वान पंडितों द्वारा पंचोपचार पूजन कराया गया। इसके बाद मंत्रोच्चार के बीच महिलाओं ने नदी का पवित्र जल कलश में भरा और वापस आयोजन स्थल पहुंचीं। आयोजन स्थल पर सभी महिलाओं के लिए शरबत एवं अल्पाहार की व्यवस्था की गई थी।
शोभायात्रा को लेकर पुलिस-प्रशासन की ओर से चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पर्याप्त संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिस बल के साथ पुलिस और प्रशासन के पदाधिकारी पूरी यात्रा के दौरान मौजूद रहे।
प्रमुख आचार्य पंडित दयानाथ मिश्र ने बताया कि अर्धनारीश्वर शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा के निमित्त बनारस, भागलपुर एवं स्थानीय कुल 17 विद्वान पंडितों द्वारा वेदमंत्र एवं स्वस्तिवाचन किया जा रहा है। सोमवार को नगर भ्रमण के बाद भगवान भोलेनाथ के पूरे परिवार के साथ राधाकृष्ण, बजरंगबली सहित कुल आठ मूर्तियों की विधि-विधानपूर्वक स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इसके बाद श्रद्धालुओं द्वारा पूजा-अर्चना की जाएगी। संध्याकाल से आगंतुक श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था भी की गई है।
आयोजन को सफल बनाने में शालिग्राम पांडेय, प्रमोदचंद बोथरा, गौरीशंकर भगत, ललितेश्वर पांडेय, अशोक भगत, उपेंद्र भगत, सूरज चंद्र प्रकाश, राजू झा, पंकज भगत, गुंजन भगत, संजीव सहनी, सुभाष कुमार यादव, प्रदीप भगत, मो. जनीफ, राजेश जैन, महानंद सहनी, विकास कुमार, ललिता देवी एवं अमोल बहरखेर सहित अन्य लोगों की सक्रिय भूमिका रही।




