रिपोर्ट- अमित कुमार!
पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर छात्रों और पीएचडी रिसर्चर्स का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। अलग-अलग मांगों को लेकर कोई अनशन पर बैठा है, तो कोई धरने के जरिए सरकार से जवाब मांग रहा है। बीपीएससी परीक्षा में पारदर्शिता, हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों के परिणाम, टॉपर की कॉपी को लेकर उठ रहे सवाल और रिसर्चर्स की विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों का आक्रोश अब बढ़ता जा रहा है।
इसी बीच आज जन अधिकार पार्टी के सांसद पप्पू यादव गर्दनीबाग धरना स्थल पहुंचे और आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात कर उनकी मांगों को सुना। छात्रों ने अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन भी सांसद को सौंपा। छात्रों की समस्याएं सुनने के बाद पप्पू यादव ने बिहार सरकार और शिक्षा व्यवस्था पर जमकर निशाना साधा।
पप्पू यादव ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ‘Gen-Z’ अपने तेवर पर आ गया और छात्रों का आंदोलन घर-घर तक पहुंच गया, तो इसके परिणाम क्या होंगे, सरकार को इसका अंदाजा लगा लेना चाहिए। उन्होंने छात्रों के आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए 16 अगस्त को एक दिन के अनशन पर बैठने का भी ऐलान किया है।
अब सवाल है कि आखिर छात्रों की मांगों पर सरकार का रुख क्या है? बीपीएससी परीक्षा और परिणाम को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब कब मिलेगा? और क्यों लगातार बढ़ता जा रहा है छात्रों और रिसर्चर्स का आक्रोश?
बाइट :- पप्पू यादव, लोकसभा सांसद



