जेल में रौशन यादव की मौत पर सियासत तेज, पूर्व विधायक प्रत्याशी ब्रजकिशोर यादव ने उठाए सवाल!

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रिपोर्टर– राजीव कुमार झा!

मधुबनी जिले के अरेर थाना क्षेत्र अंतर्गत परकौली गांव के 19 वर्षीय रौशन कुमार यादव की रामपट्टी जेल में हुई मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जेल प्रशासन के अनुसार रौशन ने जेल के अंदर आत्महत्या की, जबकि परिजन मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जता रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
मामले को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त करने मृतक के घर परकौली गांव पहूंच रहे हैं। जहां इन के द्वारा शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। इसी क्रम में खजौली विधानसभा के महागठबंधन के पूर्व विधायक प्रत्याशी ब्रजकिशोर यादव, बेनीपट्टी से कांग्रेस प्रत्याशी नीलनी रंजन भी बुधवार को अपने समर्थको के साथ परकौली गांव स्थित रौशन के घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को ढाढस दिया।
ब्रजकिशोर यादव एवं नील नीरज रंजन ने इस दौरान शासन और प्रशासन पर जमकर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
मृतक रौशन कुमार यादव, पिता स्वर्गीय रामदयाल यादव अपने परिवार का इकलौता बेटा था। वह अपनी मां फूलो देवी और दो बहनों के साथ घर पर ही रहा करता था।
बताया जा रहा है कि रहिका थाना कांड संख्या 141/26 के तहत आर्म्स एक्ट के एक मामले में रौशन आरोपी था। इस मामले मे पुलिस द्वारा उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और वह 27 मई से रामपट्टी जेल में बंद था।
परिजनों के द्वारा बताया गया है कि 8 अगस्त को रौशन की मां फूलो देवी और बहन ममता कुमारी उनसे मिलने जेल गई थीं। परिजनों का मानना है कि उस समय रौशन सामान्य स्थिति में था। मुलाकात के बाद परिजन उसे पैसे और फल देकर वापस गांव लौट आए थे।
इसके बाद परिजनों को सूचना मिली कि रौशन की तबीयत बिगड़ने पर उसे सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। वहीं जेल प्रशासन की ओर से रौशन द्वारा जेल के अंदर आत्महत्या किए जाने की बात कही जा रही है।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शव गांव पहुंचने के बाद अरेर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की।
परिजनों ने थाना और एसपी को आवेदन देकर जेल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई तथा मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों का सवाल है कि जेल जैसी सुरक्षा व्यवस्था वाली जगह पर यह घटना किन परिस्थितियों में हुई। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है। तो वही इस मामले को लेकर राजनीतिक गलियारे मे सियासत तेज दिखाई दे रही है।

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