ऋषिकेश की रिपोर्ट
परिजनों को सता रहा अनहोंनी की चिंता,
कोविशिल्ड की जगह कोवैक्सीन का सर्टिफिकेट किया जारी।
स्वास्थ विभाग की लापरवाही का नतीजा दो किशोर भाइयों को भुगतना पड़ सकता है। जहाज पूरे देश में किशोर एवं किशोरियों को को वैक्सीन का टीकाकरण से बचाव को लेकर दिया जा रहा है वही नालंदा में दो किशोर भाइयों को कोवैक्सीन की जगह कोविशिल्ड का टीका लगा दिया गया है। किशोर पियूष रंजन और आर्यन किरण है दोनों बिहार शरीफ के प्रोफेसर कॉलोनी का रहने वाला हैं। किशोर पीयूष रंजन ने बताया कि वह कल कोवैक्सीन का स्लॉट बुक करा आज 10:00 बजे के करीब नालंदा स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित टीकाकरण केंद्र आईएमए हॉल गया था। जहां सारी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद उसने टीका लगवाया जिसके उपरांत पता चला कि उसे और उसके भाई कोवैक्सीन की जगह कोवीशील्ड का टीका दे दिया गया है। जिसके बाद जब इस बारे में पूछा गया तो ऑपरेटर के द्वारा बताया गया कि कोविशिल्ड लेने से कोई परेशानी नहीं होगी। किशोर के पिता प्रियरंजन कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा घोर लापरवाही बरती गई है इस मामले में जब वह सीएस कार्यालय हैं तो उन्हें डेढ़ घंटे की ऑब्जर्वेशन में रखा गया और यह कह कर भेज दिया गया कि अगर कोई परेशानी होगी तो उनके घर मेडिकल टीम को भेज दिया जाएगा। अब किशोर के माता-पिता को अनहोनी की चिंता सता रही है। उन्हें डर लग रहा है कि उनके बेटों को कुछ हो ना जाए। किशोर के पिता ने कहा कि एक तो वैक्सीन देने में लापरवाही बरती गई दूसरा जो सर्टिफिकेट जनरेट किया गया है उसमें भी कोविशिल्ड की जगह कोवैक्सीन ही दर्शाया गया है। स्वास्थ विभाग खुद को सुरक्षित और किशोर एवं किशोरियों को असुरक्षित करने में लगा हुआ है जब हम लोगों ने इसकी शिकायत की तो आनन-फानन में टीका देने वाले दोनों कर्मी को वहां से हटा दिया गया इस पर क्या कार्यवाई हुई है उन्हें नहीं पता। सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार ने बताया कि उन्हें इस बारे में जानकारी मिली है। टीका देने वाले कर्मी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। दरअसल जो पूर्व में टीका दे रही थी वह कोरोना पॉजिटिव हो गई थी। उसी की जगह पर नए जीएनएम के द्वारा यह गलती हुई है। किशोर के परिजनों को आश्वस्त कर दिया गया है। उन्हें स्वास्थ विभाग का नंबर उपलब्ध करा दिया गया है। किसी भी तरह की परेशानी होने पर 24 घंटे मेडिकल सेवा उनके लिए उपलब्ध करा दी गई है।




