रिपोर्ट – अमित कुमार!
बांकीपुर उपचुनाव को लेकर लव कुमार सिंह “रुद्र” राष्ट्रीय अध्यक्ष हिंदु शिवभवानी सेना का बयान।
भरत तिवारी एनकाउंटर और जहानाबाद NEET प्रकरण ने समीकरण बिगाड़ दिया और भाजपा को आत्मचिंतन की जरूरत है काफी चर्चा में है।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव नितिन नवीन के भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद खाली हुई सीट पर हुआ था। इस चुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज ने भरत तिवारी एनकाउंटर और NEET छात्र के मुद्दे को सबसे आगे रखा। भरत तिवारी की 16 जून को भोजपुर के शाहपुर में पुलिस मुठभेड़ में मौत हुई थी जिसके बाद सवर्ण समाज में भाजपा के प्रति नाराजगी की बात सामने आई। प्रशांत किशोर ने परिवार से मिलकर समर्थन दिया और इसे कानून व्यवस्था का सवाल बनाया। इसके जवाब में भाजपा ने भी पूरी ताकत झोंक दी। CM सम्राट चौधरी खुद भरत तिवारी के परिजनों से मिले और दो पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की गई। साथ ही गिरिराज सिंह रविशंकर प्रसाद विजय सिन्हा पवन सिंह और मनोज तिवारी जैसे सवर्ण चेहरे और स्टार प्रचारकों को मैदान में उतारा गया ताकि नाराज वोटरों को वापस जोड़ा जा सके।
बांकीपुर में भाजपा का पारंपरिक आधार सवर्ण और वैश्य वोट माना जाता है। यहां करीब 15 प्रतिशत कायस्थ 7 प्रतिशत ब्राह्मण 7 प्रतिशत भूमिहार और 5 प्रतिशत राजपूत मतदाता हैं। जन सुराज का दावा था कि सवर्णों का एक बड़ा हिस्सा इस बार उनके साथ है। भाजपा ने इसके जवाब में विकास और कानून व्यवस्था को मुद्दा बनाया और कहा कि नीतीश और सम्राट सरकार में पटना में पहले के मुकाबले शांति है।
इसी पृष्ठभूमि में आपका बयान आया कि इन दो मुद्दों ने चुनावी गणित बिगाड़ा है और भाजपा को अब अपने वोट बैंक और रणनीति पर फिर से सोचना चाहिए।



