रिपोर्ट :- संतोष चौहान!
सुपौल :- सदर अस्पताल में एक नवजात की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। हालांकि अस्पताल के चिकित्सक ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बच्चे की हालत पहले से ही गंभीर थी और उसे बचाने की हरसंभव कोशिश की गई।मामला सरायगढ़-भपटियाही प्रखंड के मुरली गांव का है। परिजनों के अनुसार, रूपम कुमारी के नवजात पुत्र को सोमवार शाम इलाज के लिए सुपौल सदर अस्पताल के एसएनसीयू (SNCU) वार्ड में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में बच्चे का समुचित इलाज नहीं किया गया और ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया। उनका कहना है कि लापरवाही के कारण नवजात की मौत हुई है। वहीं, मामले पर अस्पताल के चिकित्सक डॉ० सिद्धार्थ ने परिजनों के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि नवजात का वजन काफी कम था और उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर थी। डॉक्टर के अनुसार, बच्चे को सांस लेने में गंभीर परेशानी हो रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि रात के दौरान परिजन अस्पताल से बाहर चले गए थे और उन्हें कई बार फोन कर बुलाया गया, लेकिन वे समय पर नहीं पहुंचे। डॉ० सिद्धार्थ का कहना है कि चिकित्सकों की टीम ने नवजात को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया, लेकिन गंभीर चिकित्सीय स्थिति और कम वजन के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। फिलहाल नवजात की मौत को लेकर परिजनों और अस्पताल प्रशासन के दावे एक-दूसरे से अलग है। यदि परिजन औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हैं, तो मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत किन परिस्थितियों में हुई।




