रिपोर्टर– राजीव कुमार झा
48 वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ने मानव तस्करी की आशंका में नेपाली किशोरी को सुरक्षित रेस्क्यू कर नेपाल प्रशासन को सौंपा
मधुबनी जिले से लगने वाली भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मानव तस्करी की रोकथाम एवं महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए निरंतर चलाए जा रहे अभियान के तहत 48 वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल जयनगर ने एक सराहनीय कार्रवाई करते हुए एक नेपाली नाबालिग किशोरी को सुरक्षित रेस्क्यू किया तथा आवश्यक कानूनी एवं मानवीय प्रक्रिया पूरी करने के उपरांत उसे नेपाल के संबंधित अधिकारियों एवं गैर-सरकारी संस्था (एन जी ओ) के माध्यम से सकुशल सुपुर्द कर दिया।
यह कार्रवाई 03 अगस्त 2026 को जटही चेक पोस्ट, समवाय पीपरौन के कार्यक्षेत्र में नियमित चेकिंग के दौरान की गई।
नियमित जांच के दौरान लगभग 3:45 बजे एक नाबालिग युवक एवं एक नाबालिग युवती नेपाल से भारत की ओर आते हुए चेक पोस्ट पर पहुंचे। ड्यूटी पर तैनात एसएसबी जवानों द्वारा दोनों को रोककर पहचान एवं यात्रा संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, किन्तु दोनों कोई वैध पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। पूछताछ के दौरान दोनों ने स्वयं को भाई-बहन बताया, परंतु उनके उत्तरों में विरोधाभास एवं संदेहास्पद परिस्थितियां पाए जाने पर उनसे विस्तृत पूछताछ की गई।
गहन पूछताछ के दौरान युवक ने स्वीकार किया कि दोनों एक-दूसरे को जानते हैं तथा बिना अपने परिवारजनों की जानकारी एवं अनुमति के नेपाल से भारत जा रहे थे। परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए मानव तस्करी अथवा किसी अप्रिय घटना की आशंका के मद्देनजर दोनों को सुरक्षा की दृष्टि से समवाय मुख्यालय पीपरौन लाया गया।
इसके पश्चात नेपाल की गैर-सरकारी संस्था पीस रिहैबिलिटेशन सेंटर को घटना की सूचना दी गई। संस्था की काउंसलर तथा एपीएफ (नेपाल) के अधिकारियों की उपस्थिति में आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर नाबालिग किशोरी एवं नाबालिग युवक को सुरक्षित रूप से नेपाल प्रशासन को सुपुर्द कर दिया गया।
मानवीय एवं सीमा सुरक्षा की उत्कृष्ट मिसाल प्रस्तुत करते हुए
यह कार्रवाई भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी, बाल संरक्षण एवं सीमा पार अपराधों की रोकथाम के प्रति सशस्त्र सीमा बल की संवेदनशीलता, सतर्कता एवं प्रतिबद्धता को दर्शाती है। एसएसबी द्वारा सीमा क्षेत्र में नियमित जांच एवं सतर्क निगरानी के माध्यम से ऐसे मामलों की पहचान कर समय पर आवश्यक कार्रवाई की जाती रही है।
48 वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, जयनगर के कमांडेंट राजेंद्र कुमार ने इस सफल कार्रवाई में शामिल अधिकारियों एवं जवानों की सराहना करते हुए कहा कि सशस्त्र सीमा बल केवल सीमा सुरक्षा ही नहीं, बल्कि महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा तथा मानव तस्करी की रोकथाम के लिए भी पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। सीमा क्षेत्र में इस प्रकार की प्रत्येक संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है तथा नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों एवं अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने सीमा क्षेत्र के नागरिकों एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि या मानव तस्करी से संबंधित सूचना तत्काल सुरक्षा बलों अथवा स्थानीय पुलिस को दें।




