रिपोर्ट – शाहिद रजा!
सीतामढ़ी से भ्रष्टाचार की बड़ी खबर सामने आई है। बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र पासवान के स्टिंग ऑपरेशन में कल्याण विभाग में कथित रिश्वतखोरी का मामला उजागर हुआ है। मंत्री के आदेश पर विभाग में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई।
जानकारी के अनुसार, पटना स्थित मंत्री कार्यालय में आयोजित जनता दरबार में सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा प्रखंड से पहुंचे कुछ फरियादियों ने शिकायत की कि अनुसूचित जाति उत्पीड़न मामले में सरकार से मिलने वाली सहायता राशि जारी करने के बदले 50 हजार रुपये रिश्वत मांगी जा रही है।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने मौके पर ही संबंधित कर्मी को फोन मिलवाया। बातचीत के दौरान सीतामढ़ी कल्याण विभाग के डाटा एंट्री ऑपरेटर चंदन कुमार पर कथित रूप से रिश्वत मांगने की बात सामने आई, जिसका ऑडियो और वीडियो रिकॉर्ड भी हो गया।
मामला सामने आते ही मंत्री लखेंद्र पासवान ने सीतामढ़ी के जिला कल्याण पदाधिकारी को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। मंत्री के आदेश के बाद डाटा एंट्री ऑपरेटर चंदन कुमार की सेवा बर्खास्त कर दी गई।
इस कार्रवाई के बाद कल्याण विभाग में हड़कंप मच गया है। अब यह मामला प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है और भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के सख्त रुख का बड़ा संदेश माना जा रहा है।




