रिपोर्ट-विक्रम उपाध्याय/खगड़िया
जिलाधिकारी, खगड़िया श्री विक्रम वीरकर की अध्यक्षता में आज समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्राथमिक शिक्षा), सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO), बीआरपी, संकुल स्तरीय पदाधिकारी, लिपिक, लेखापाल एवं शिक्षा विभाग के अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से सभी पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुँच सुनिश्चित करना शिक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
समीक्षा के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020), शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE), FLAM सहित शिक्षा विभाग के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों के प्रभावी संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने विद्यालयों में नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षा का अधिकार अधिनियम के शत-प्रतिशत अनुपालन, FLAM के माध्यम से बच्चों की आधारभूत भाषा एवं गणितीय दक्षता के विकास, निर्धारित लर्निंग आउटकम प्राप्त करने, छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, PM POSHAN (मध्याह्न भोजन) की गुणवत्ता बनाए रखने, पाठ्यपुस्तक, पोशाक, छात्रवृत्ति एवं अन्य योजनाओं का समय पर लाभ उपलब्ध कराने, सुरक्षित एवं बाल-अनुकूल विद्यालय वातावरण विकसित करने, विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) की नियमित बैठकें आयोजित करने, समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने, विद्यालयों में स्वच्छता, पेयजल एवं शौचालय की समुचित व्यवस्था बनाए रखने तथा सतत शैक्षणिक अनुश्रवण एवं मूल्यांकन के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों को निर्देशित किया कि वे अपने विद्यालय में अध्ययनरत प्रत्येक छात्र-छात्रा का आधार सत्यापन एवं APAAR ID का निर्माण निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत सुनिश्चित करें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस कार्य की नियमित समीक्षा करने तथा निर्धारित प्रारूप में प्रगति प्रतिवेदन समय-समय पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों का नियमित निरीक्षण कर शैक्षणिक गतिविधियों की सतत निगरानी करें तथा यह सुनिश्चित करें कि सरकार की सभी योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से प्रत्येक पात्र छात्र-छात्रा तक पहुँचे। शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।




