रिपोर्टर– राजीव कुमार झा!
11 वर्षीय बच्चे की सरद अस्पताल मे इलाज के दौरान मौत के बाद परिजनो का फूटा गुस्सा, जमकर हंगामा और तोरफोर की सूचना पर पहूंची नगर थाना पुलिस
मधुबनी जिले भर से आए दिन सरकारी अस्पतालों मे लापरवाही के कारण मौत की खबरें निकल कर सामने आती रहती है। ऐसे ही एक बचे की मौत के बाद सदर अस्पताल मे जमकर हंगामा होने की खबर सामने आ रही है। सदर अस्पताल में सोमवार को 11 वर्षीय बच्चे की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। करीब एक घंटे तक अस्पताल परिसर में हंगामा और तोड़फोड़ होती रही। इस दौरान अस्पताल में तैनात गार्ड की कुर्सी, मरीजों के बैठने वाली कई कुर्सियां तथा परिसर में रखे गमलों को गुस्साए लोगों के द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस बिच अस्पताल परिसर मे मौजूद डक्टर से लेकर कर्मचारियों मे दहसत व्याप्त रहा। इस बात की जानकारी नगर थाना क़ दिया गया। सूचना मिलते ही नगर थाना अध्यक्ष मनोज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।
मृतक की पहचान झंझारपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत तमोरिया गांव के शंकर ठाकुर का 11 वर्षीय पुत्र राकेश कुमार के रूप में हुई है। मृतक के पिता शंकर ठाकुर ने बताया है कि रविवार को एक बाइक बच्चे के ऊपर गिर गई थी, जिससे उसके पेट में गंभीर चोट लगी थी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सोमवार सुबह करीब 10 बजे उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शाम करीब चार बजे उसकी मौत इलाज मे लापरवाही के कारण हो गई।
परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय पर उचित उपचार मिलता तो बच्चे की जान बच सकती थी। वहीं, सिविल सर्जन डॉक्टर हरेंद्र कुमार ने बताया कि पेट में गंभीर चोट लगने के बाद फेफड़ों में पानी भरने जैसी जटिल स्थिति बनने पर मौत की आशंका बढ़ जाती है। बच्चे को भरसक उचित इलाज प्रदान किया गया। लेकिन बच्चे की स्थिति गंभीर होने के कारण उनकी मौत हो गई।



