भोजपुर- डॉक्टर बनने का सपना टूटा, घर छोड़ वृंदावन पहुंचा छात्र, अब ‘श्याम बाबा’ के नाम से पहचान!

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आरा/आशुतोष पाण्डेय

क्या कोई छात्र सिर्फ एक परीक्षा में असफल होने के बाद संन्यासी बन सकता है? भोजपुर जिले से सामने आई यह कहानी हर किसी को सोचने पर मजबूर कर रही है। डॉक्टर बनने का सपना लेकर कोटा में दो साल तक NEET की तैयारी करने वाले एक छात्र ने असफलता के बाद ऐसा फैसला लिया, जिसने पूरे परिवार को हैरान कर दिया। आइए देखते हैं यह खास रिपोर्ट।

भोजपुर जिले के आरा शहर के टाउन थाना क्षेत्र स्थित शीतल टोला निवासी सिद्धांत विशाल डॉक्टर बनना चाहते थे। इसी उद्देश्य से वे राजस्थान के कोटा में रहकर दो वर्षों तक NEET परीक्षा की तैयारी करते रहे। लेकिन लगातार प्रयास के बावजूद उन्हें सफलता नहीं मिली।

परीक्षा में असफल होने के बाद सिद्धांत ने घर छोड़ दिया और वृंदावन पहुंच गए। वहां उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और वैराग्य का मार्ग अपनाते हुए संन्यास ले लिया। आश्रम में अब उन्हें “श्याम बाबा” के नाम से जाना जाता है।

इधर, बेटे के अचानक लापता होने से परिवार परेशान हो गया। काफी खोजबीन के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला तो टाउन थाने में गुमशुदगी और अपहरण का मामला दर्ज कराया गया। इसी दौरान बड़े भाई की तलाश में वृंदावन पहुंचे छोटे भाई सार्थक भी वहीं भक्ति में लीन हो गए।

कई महीनों की तलाश के बाद भोजपुर पुलिस को सिद्धांत के वृंदावन में होने की सूचना मिली। स्थानीय पुलिस की मदद से उन्हें बरामद कर भोजपुर लाया गया। कोर्ट में सिद्धांत ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से संन्यास ग्रहण किया है और वे दोबारा वृंदावन आश्रम लौटना चाहते हैं।

बाइट: विपिन प्रसाद सिंह (दादा)
“असफलता के बाद कई युवा गलत कदम उठा लेते हैं, लेकिन सिद्धांत ने वैराग्य का मार्ग चुना। यह उसका अपना निर्णय है और परिवार उसकी इच्छा का सम्मान करता है।”
इच्छा से आध्यात्मिक जीवन चुना है, लेकिन यह घटना इस बात पर भी सोचने को मजबूर करती है कि परीक्षा में असफलता जीवन का अंत नहीं, बल्कि एक नया मोड़ भी हो सकती है

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