इश्क, साजिश और सुपारी: सुपौल की MVI अस्मिता कुमारी ने प्रेमी संग रची पति की हत्या की साजिश!

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रिपोर्ट :-संतोष चौहान

इश्क, साजिश और सुपारी: सुपौल की MVI अस्मिता कुमारी ने प्रेमी संग रची पति की हत्या की साजिश, 34 दिन बाद खुला राज

चलती ट्रेन में गोली मारकर की गई थी विद्युतकर्मी देवकुमार गुंजन की हत्या, पत्नी, प्रेमी और सुपारी किलर गिरफ्तार; पुलिस की वैज्ञानिक जांच से हुआ सनसनीखेज खुलासा

सुपौल :- प्रेम प्रसंग, विश्वासघात और सुपारी किलर के जरिए की गई हत्या की एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है। फिल्मी कहानी जैसी इस मर्डर मिस्ट्री में सुपौल में मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) के पद पर तैनात अस्मिता कुमारी पर अपने ही पति की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। पुलिस की 34 दिनों तक चली तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के बाद इस हत्याकांड का ऐसा खुलासा हुआ, जिसने रिश्तों की बुनियाद पर ही सवाल खड़े कर दिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जमुई में कार्यरत विद्युतकर्मी देवकुमार गुंजन 11 जून को जनसाधारण एक्सप्रेस से अपनी पत्नी से मिलने घर लौट रहे थे। यात्रा के दौरान मानसी रेल थाना क्षेत्र के बदलाघाट के समीप चलती ट्रेन में उन्हें बेहद करीब से गोली मार दी गई। गंभीर रूप से घायल देवकुमार को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद रेल पुलिस ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
शुरुआत में यह मामला पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर था। मौके पर कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला था। इसके बाद रेल एसपी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन, डिजिटल साक्ष्य और अन्य वैज्ञानिक तरीकों से जांच को आगे बढ़ाया। 34 दिनों की लगातार पड़ताल के बाद जांच की दिशा मृतक की पत्नी तक पहुंच गई।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि सुपौल में तैनात MVI अस्मिता कुमारी का जहानाबाद निवासी अजीत कुमार के साथ प्रेम संबंध था। पुलिस के अनुसार, दोनों अपने रिश्ते में देवकुमार गुंजन को सबसे बड़ी बाधा मानते थे। इसी कारण दोनों ने मिलकर पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, अस्मिता कुमारी और अजीत कुमार ने राजू कुमार उर्फ धीरज नामक व्यक्ति को सुपारी देकर हत्या की जिम्मेदारी सौंपी। तय योजना के अनुसार, 11 जून को चलती ट्रेन में देवकुमार को बेहद करीब से गोली मार दी गई, जिससे उनकी मौत हो गई। पूरी वारदात को दुर्घटना या सामान्य अपराध का रूप देने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस की गहन जांच ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
रेल एसपी हरि शंकर कुमार के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने MVI अस्मिता कुमारी, उसके कथित प्रेमी अजीत कुमार तथा सुपारी किलर राजू कुमार उर्फ धीरज को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में तीनों ने हत्या की साजिश और उसके क्रियान्वयन से जुड़े कई अहम तथ्य स्वीकार किए। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद किए हैं। इन डिजिटल साक्ष्यों को जांच का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में कुछ अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी चल रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या की साजिश कितने समय पहले रची गई थी और इसमें किन-किन लोगों की संलिप्तता रही।
इस सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे बिहार में चर्चा का विषय बना दिया है। जिस पत्नी का पति बेसब्री से इंतजार कर रहा था, उसी पर उसकी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगने से लोग स्तब्ध हैं। 34 दिनों तक उलझी रही यह मर्डर मिस्ट्री आखिरकार पुलिस की तकनीकी जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के दम पर सुलझ गई। अब अदालत में इस बहुचर्चित मामले की सुनवाई के दौरान पूरे घटनाक्रम की कानूनी पड़ताल होगी। फिलहाल तीनों मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं, जबकि इस हत्याकांड से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है।

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