रिपोर्ट – बिकास कुमार
बिहार प्रजापति समन्वय समिति के नेतृत्व में समाहरणालय तक निकाला गया पैदल मार्च, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की उठी मांग
सुपौल।
दिवंगत रोशन प्रजापति को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सोमवार को सुपौल में बिहार प्रजापति समन्वय समिति के नेतृत्व में प्रेस कॉन्फ्रेंस और आक्रोश मार्च का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रेस कॉन्फ्रेंस से हुई, जिसमें समिति के पदाधिकारियों ने मीडिया के समक्ष अपनी मांगें रखते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बड़ी संख्या में लोग शांतिपूर्ण पदयात्रा (पैदल मार्च) करते हुए समाहरणालय की ओर रवाना हुए। इस मार्च में बिहार के विभिन्न जिलों से पहुंचे अतिपिछड़ा समाज के लोगों के साथ कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने रोशन प्रजापति के परिजनों को न्याय दिलाने तथा दोषियों के खिलाफ शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग को लेकर नारेबाजी की।
आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि समाहरणालय की ओर बढ़ रहे शांतिपूर्ण मार्च पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे आंदोलनकारियों में आक्रोश फैल गया। घटना के बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उनकी मांगें पूरी नहीं होने के कारण बिहार प्रजापति समन्वय समिति के नेतृत्व में आक्रोश मार्च निकाला गया है।
इस आंदोलन में बिहार प्रजापति समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष रूपेश प्रजापति, समिति के संयोजक डॉ. शैलेन्द्र कुमार, प्रदेश महामंत्री मिंटू प्रजापति (उर्फ गुरु जी), विश्वकर्मा महासभा के सचिव डॉ. संजीव पासवान सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि दिवंगत रोशन प्रजापति के मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।




