रिपोर्ट – सुमित कुमार!
-मुंगेर : राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-333बी पर सुजावलपुर स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज के पास बने आरसीसी पुल के गाइडवाल में दरार आ गया है। बताया जाता है यह दरार विक्रमशिला सेतु के बंद होने के कारण एनएच-333बी पर बढ़े यातायात दबाव के कारण उत्पन्न हुआ है। बताते चलें कि एनएच -80 को एनएच-31 से जोड़ने वाले इस एनएच-333बी का उद्घाटन 11 फरवरी 2022 को हुआ था। इसके बाद से विक्रमशिला सेतु के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग बन गया तथा इससे विक्रमशिला सेतु पर वाहनों का दबाव कम हो गया। इस बीच 4 मई 2026 को विक्रमशिला सेतु ध्वस्त हो गया। इसके बाद एनएच-333बी पर भारी वाहनों का दबाव बढ़ गया। ऐसे में धीरे-धीरे इस पर दबाव बढ़ता ही चला गया। अब जबकि विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला शुरु होने में महज एक पखवाड़ा शेष रह गया है तो अब फिर एक चिंताजनक मामला सामने आ गया है। एनएच-333बी पर स्थित श्रीकृष्ण सेतु के एप्रोच पथ पर सुजावलपुर स्थित राजकीय इंजीनियरिंग कालेज के पास एक पुल के गाइडलाइन में लगभग एक इंच से बड़ा दरार उत्पन्न हो गया है। इससे यातायात के प्रभावित होने का खतरा मंडराने लगा है। इधर जिला प्रशासन की जानकारी में मामला आते ही डीएम निखिल धनराज निप्पाणीकर खुद सक्रिय हो गए तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक से बात कर दरार की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। डीएम निखिल धनराज निप्पाणीकर ने बताया कि जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। जानकारी मिलते ही संबंधित एजेंसियों को मौके पर भेजकर स्थिति का आकलन कराया गया है। प्रथम दृष्टया दरार गाइडवाल में दिखाई दी है और पुल की संरचना पूरी तरह सुरक्षित है। आम लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक मरम्मत तथा स्थायी समाधान की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पुल की नियमित निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि संबंधित निर्माण एजेंसी तथा राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी प्रकार की तकनीकी कमी पाई जाती है तो उसके अनुरूप त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि यातायात सुरक्षित व सुचारू रूप से संचालित होता रहे। डीएम ने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें तथा केवल प्रशासन की ओर से प्रकाशित आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद दोषों को दूर कर पुल को पूरी तरह सुरक्षित बनाए रखने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाएंगे।
बाइट-निखिल धनराज निप्पाणीकर डीएम मुंगेर




