रिपोर्टर– राजिव कुमार झा!
मधुबनी जिले से लगने बाली भारत— नेपाल सीमा पर सतर्कता रखते हुए 48 वीं वाहिनी की बाह्य सीमा चौकी जटही (पीपरौन) ने मानव तस्करी के प्रयास को विफल करते हुए एक नाबालिग नेपाली बच्ची को सुरक्षित बचाया। साथ ही एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया है। ये कार्वाई सीमा स्तंभ संख्या 284/35 के निकट किया करते हुए नेपाल के तरफ से भारत में प्रवेश करते हुए एक युवक व एक नाबालिग बालिका को नियमित जांच के दौरान रोककर पूछताछ किया तो युवक ने बच्ची को अपनी पत्नी बताया जिस पर संदेह होने के बाद एवं दोनों के बयानों में स्पष्ट विरोधाभास और कोई भी वैध पहचान पत्र नही होने के कारण संदेह को पुख्ता बल देने पर दोनो को हिरासत मे लेकर सख्ती से पूछताछ के दौरान पता चला कि युवक ने बालिका को शादी का झांसा देकर उसे भारत लाने का प्रयास कर रहा था। जो मानव तस्करी का लक्षण को दर्शाता है। सीमा पर तत्पर एवं सतर्क जवानों ने कार्रवाई करते हुए नाबालिग बालिका को सुरक्षित संरक्षण में लेकर आवश्यक कानूनी और मानवीय प्रक्रियाएँ पूरी करने के उपरांत बालिका को नेपाल की सशस्त्र पुलिस बल ( ए पी एफ ) की उपस्थिति में नेपाल के एक स्थानीय गैर-सरकारी संगठन “पीस रिहैबिलिटेशन सेंटर की काउंसलर को सौंपा दिया। ताकि उसकी सुरक्षित वापसी तथा पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके। तो वहीं, 48 वीं वाहिनी के कमांडेंट राजेन्द्र कुमार ने बताया है कि मानव तस्करी की रोकथाम एसएसबी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सीमा पर नियमित जांच, सतर्क निगरानी और स्थानीय एजेंसियों के साथ समन्वय के माध्यम से ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा रहा है। कमांडेंट ने सीमावर्ती इलाकों के नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत एसएसबी या स्थानीय पुलिस को दें। इस मामले में पकड़े गए युवक के विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई किया जा रहा है।



