बाढ़- नये निबंधन कार्यालय में नई सर्किल रेट के साथ रजिस्ट्री शुरू!

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:- रवि शंकर अमित!

बाढ़ में बिहार का पहला हाईटेक अवर निबंधन कार्यालय में अब नए सर्किल रेट के साथ जमीन की रजिस्ट्री शुरू हो गई है। अवर निबंधक रत्नामणि केसरी ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार द्वारा जमीन के सर्किल रेट में की गई बढ़ोतरी के बाद अब इसी नई दर पर निबंधन किया जा रहा है। सरकार द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, अनुमंडल के सातों प्रखंड के शहरी क्षेत्रों में जमीन का सर्किल रेट दोगुना कर दिया गया है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह दर 1.6 गुना बढ़ाई गई है। निबंधन कार्यालय में 19 मई को पहले दिन लगभग बीस रजिस्ट्री नए रेट से हुआ। सामान्यतः बाढ़ निबंधन कार्यालय में प्रतिदिन 20 से 25 जमीनों की रजिस्ट्री होती है। उन्होंने कहा कि सभी रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी तरह से पेपरलेस करने की तैयारी की जा रही है, जिससे पारदर्शिता बढेगी। वहीं अनुमंडल में आधुनिक सुविधाओं से लैस एक भी कार्यालय ऐसा नही है।
​अवर निबंधक रत्नामणि केसरी ने कहा कि जिस समय वह ऑफिस ज्वाइन की थी तो यह कार्यालय का पूरा भवन जीर्ण-शीर्ण अवस्था में था। प्रतीक्षालय की व्यवस्था नहीं थी लोग जहां बैठते थे। पहले एक ही काउंटर पर कई तरह के कार्य होते थे जिससे असुविधा होती थी। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कविता आशा का दीपक की एक पंक्ति “थक कर बैठ गए क्या भाई मंजिल दूर नही है” से उनका हौसला बढता और उन्होने विभाग से हाइटेक कार्यालय बनाने में सफल रही। उन्होने कहा अब हर कार्य के लिए अलग-अलग नौ काउंटर बनाए गए हैं। स्टांप की फीस जमा करने के लिए बैंक में जाना पड़ता था अब ऑफिस के अंदर ही बैंक की सुविधा के लिए काउंटर बनाया गया है। सभी काउंटर को टोकन डिस्प्ले सिस्टम से लैस किया गया है।
बाढ़ निबंधन कार्यालय का गौरवशाली अतीत रहा है राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर 1937-38 में यहां अवर निबंधन के पद पर कार्यरत थे निबंधन कार्यालय में उनके लिखित दस्तावेज को संभाल कर रखा गया है और उनकी याद में उनकी रचनाएं दीवाल पर लगाई गई है और पुस्तकालय भी बनाया गया है जिसमें कोई अगर किताबें डोनेट करना चाहते हैं तो एक रजिस्टर संधारित की गई है जिसमें डोनेट करने वाले का नाम पता और मोबाइल नंबर अंकित किया जाएगा।
कार्यालय के भीतर खाने-पीने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, इसको लेकर जगह चिन्हित कर तैयारी पूरी कर ली गई है। जीविका दीदी के माध्यम से इसे संचालित किया जाएगा।
बाढ़ का यह अवर निबंधन कार्यालय पूरे बिहार का पहला हाईटेक कार्यालय है, जिसका उद्घाटन हाल ही में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के मंत्री मदन सहनी ने किया था।

​आधुनिक काउंटर: निबंधन, मैरिज रजिस्ट्रेशन और अन्य कार्यों के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए गए हैं।
​जनसुविधाएं: कार्यालय परिसर वातानुकूलित (AC) है, साथ ही बैठने की उत्कृष्ट व्यवस्था और स्वच्छता के लिए शौचालय की सुविधा उपलब्ध है।
​मदद के लिए हेल्प डेस्क: परिसर में ‘मे आई हेल्प यू’ (May I Help You) काउंटर की स्थापना की गई है।
​डिजिटल डिस्प्ले: हर काउंटर के पास ऑनलाइन रजिस्ट्री और विवाह निबंधन से संबंधित जानकारी देने के लिए डिस्प्ले बोर्ड लगे हैं। साथ ही, अधिकारियों के संपर्क नंबर भी प्रदर्शित किए गए हैं।
​रिकॉर्ड रूम: दस्तावेजों के सुरक्षित संरक्षण के लिए आधुनिक ढंग से सुसज्जित रिकॉर्ड रूम बनाया गया है।
​बैंकिंग सेवा: निबंधन कार्यालय परिसर में ही बैंक के कर्मचारी उपस्थित रहते हैं, जिससे चालान काटने और भुगतान करने के लिए लोगों को बाहर नहीं भटकना पड़ता।
​इन आधुनिक सुविधाओं के जुड़ने से अब बाढ़ अनुमंडल के लोगों को जमीन से संबंधित अपने कार्यों के लिए न केवल सुविधा मिल रही है, बल्कि समय की भी भारी बचत हो रही है।

बाइट – रत्नामणि केसरी, अवर निबंधक

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