रिपोर्ट – अमित कुमार!
राज्यसभा चुनाव में ऑपरेशन लोटस को लेकर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिहार के नेता विपक्ष तेजस्वी यादव को नेता विपक्ष की कुर्सी और ईडी-सीबीआई का डर दिखाकर बीजेपी द्वारा लोकतंत्र के अपहरण की कोशिश की गई और इसमें राजद के ही कुछ नेता और विधायक शामिल हैं। पप्पू यादव ने दावा किया कि कुछ बड़े कारोबारी, राजनीतिक संपर्क रखने वाले लोग और बिचौलियों के जरिए विधायकों तक संदेश पहुंचाया गया और इसके लिए बिहार में 100 करोड़ रुपये भी आए। उन्होंने अभय कुशवाहा, सुभाष यादव और समीर महासेठ जैसे नामों का जिक्र करते हुए कहा कि कई लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उनका आरोप है कि लिफाफे पहुंचाकर विधायकों पर दल बदलने का दबाव बनाया गया और उन्होंने सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्यों की जांच की मांग की।
पप्पू यादव ने बिहार में हो रहे लगातार इनकाउंटर पर भी सवाल उठाए और कहा कि ये जानबूझकर किए जा रहे हैं ताकि आनंद किशोर और रिशु श्री जैसे भ्रष्टाचारियों के मुद्दे को दबाया जा सके। उन्होंने कहा कि इसी साजिश के तहत कभी लालू प्रसाद यादव को जबरन घर खाली करने को कहा जाता है तो कभी शिक्षक विवाद को फैजल खान और रोशन यादव के नाम पर हवा दी जाती है। उन्होंने भरत तिवारी के एनकाउंटर को फर्जी और निंदनीय बताया और कहा कि वह न अपराधी था न हिस्ट्रीशीटर और न ही उसने पुलिस पर फायरिंग की, फिर भी जाति का रंग देकर उसका एनकाउंटर कर दिया गया। पप्पू यादव ने सवाल किया कि अगर पुलिस और प्रशासन इतने ही दूध के धुले हैं तो पप्पू पांडे और अनंत सिंह को गिरफ्तार क्यों नहीं कर पाए। उन्होंने इस मामले में न्यायिक जांच की मांग की और पूछा कि आरा के एसपी के साथ उस वक्त हेडक्वार्टर से कौन लाइन पर था। उन्होंने कहा कि जब बीजेपी और सरकार के लोग खुद मान रहे हैं कि भरत तिवारी का एनकाउंटर गलत था तो सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए और उसे शहीद का दर्जा मिलना चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने बिहार में बढ़ते अपराध पर कहा कि इस सरकार में 150 से अधिक बलात्कार हुए हैं जो मणिपुर और निर्भया की घटना की हद को पार कर गए। उन्होंने नगरनौसा की घटना का जिक्र किया जहां डिग्री कॉलेज मांगने पर लड़कियों को प्रताड़ित किया गया, जेल भेजा गया और थाने में गालियां दी गईं। बिहारशरीफ में दो निवाला खाने की वजह से दो पासवान की हत्या कर दी गई। पप्पू यादव ने पूछा कि क्या बिहार में यादव, पासवान, दलित और कमजोर आदमी को बिहार छोड़ देना चाहिए क्योंकि जाति के आधार पर हिंसा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि 24 को वे राज्यपाल से मिलेंगे और न्यायालय में भी विभिन्न अपराध की घटनाओं और पुलिस की संलिप्तता को लेकर जाएंगे।




