:- रवि शंकर अमित!
दुर्घटना में मृत्यु होने पर प्रवासी श्रमिकों के घर तक पार्थिव शरीर पहुंचाने का पूरा खर्च वहन करेगी सरकार : अपर मुख्य सचिव
- किसी दूसरे राज्य या विदेशों में प्रवासी मजदूरों की मृत्यु होने पर आश्रितों को मिलेंगे 4 लाख रुपये
- बिहार प्रवासी कामगार ऐप के माध्यम से 6,84,708 प्रवासी श्रमिकों का हुआ पंजीकरण
पटना, 19 जून
राज्य के कामगार मजदूरों और प्रवासी श्रमिकों के कल्याण के लिए राज्य सरकार कई कार्यक्रम चला रही है। दूसरे राज्यों या विदेशों में कार्य करने वाले प्रवासी मजदूरों की दुर्घटना में मृत्यु होने पर पार्थिव शरीर को उनके स्थायी निवास तक पहुंचाने में खर्च होने वाली कुल राशि का वहन राज्य सरकार करेगी। यह जानकारी श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री के सेंथिल कुमार ने शुक्रवार को सूचना भवन के संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रवासी मजदूर की मृत्यु की स्थिति में उनके आश्रितों को दी जानेवाली राशि को दो लाख से बढ़ाकर 4 लाख रुपये करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना के तहत वित्तीय वर्ष-2025-26 में 446 लाभुकों को कुल 8 करोड़ 67 लाख 35 हजार रुपये अनुदान राशि प्रदान की गई और वित्तीय वर्ष 2026-27 में अबतक कुल 168 लाभुकों को 3 करोड़ 35 लाख 12 हजार 5 सौ रुपये का अनुदान राशि प्रदान किया गया है।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य के प्रवासी श्रमिकों के डाटा संग्रहण एवं उनके लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का नीति-निर्माण किये जाने के उद्देश्य से बिहार प्रवासी कामगार ऐप का अनावरण किया गया है। इस ऐप पर 10 जून तक कुल 6 लाख 84 हजार 708 प्रवासी श्रमिकों का पंजीकरण किया जा चुका है। बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना योजना के तहत वर्ष 2025-26 में कुल 9719 लाभुकों को अनुदान राशि के रूप में कुल 54 करोड़ 91 लाख 12 हजार 5 सौ रुपये अंतरित की गई है। इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2026-27 में अबतक कुल 1303 लाभुकों को कुल 7,97,02,500 रुपये का अनुदान राशि प्रदान किया गया है। इसके साथ ही विभाग द्वारा राज्य के 03 जिलों यथा पटना, गया एवं सीतामढ़ी में विशेष आवासीय प्रशिक्षण केंन्द्रों का संचालन हेतु मेसर्स प्रयास जुबेनाईल एंड सेंटर के साथ एकरारनामा किया गया है।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 1054 बाल श्रमिक विमुक्त हुए थे। इसी तरह वित्तीय वर्ष 2026-27 में विमुक्त बाल/किशारों के पुनर्वास हेतु कुल 126 बाल/किशोर श्रमिकों के खातों में सावधि जमा हेतु मुख्यमंत्री राहत कोष से प्राप्त कुल 31 लाख 50 हजार रूपये राशि सावधि जमा की गयी, तत्काल सहायता राशि के रूप में कुल 103 बाल श्रमिकों को रूपये 3 लाख 9 हजार प्रदान की गयी एवं जिला बाल श्रमिक पुनर्वास-सह-कल्याण कोष में कुल 166 बाल श्रमिकों हेतु 8 लाख 30 हजार रुपये जमा किया गया है। बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग का पुनर्गठन योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग का पुनर्गठन किया गया है। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 2 करोड़ 7 लाख 42 हजार 155 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
भारत सरकार की तरफ से 21 नवंबर 2025 को अधिसूचित किये गए चारों श्रम संहिताओं में प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार द्वारा नियमावलियों के सूत्रण की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि निर्माण श्रमिकों के हितार्थ बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड गठित है। बोर्ड के अन्तर्गत निबंधित निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों के कल्याणार्थ 16 कल्याणकारी योजनाएं संचालित है। बोर्ड के अन्तर्गत कुल 42 लाख 31 हजार 405 निर्माण श्रमिकों का निबंधन किया गया है, जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 में 11 लाख 06 हजार 86 एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 में 08 जून 2026 तक 4,131 निर्माण श्रमिकों का निबंधन हुआ है।
उन्होंने कहा कि श्रम सेवा सुविधा केन्द्र के तहत बिहार के कुल 9 प्रमण्डलों में 10 स्थानों पर श्रम सेवा सुविध केन्द्र स्थापित किया जाना है। वर्तमान में 5 स्थानों यथा पटना, कैमूर, सारण, सहरसा एवं दरभंगा पर केन्द्र पूर्ण रूपेण से क्रियाशील है। केन्द्र पर निर्माण श्रमिकों का निबंधन नवीकरण एवं बोर्ड के क्रियाकलापों का प्रचार-प्रसार किया जाता है। इस मौके पर विभाग के विशेष सचिव श्री सुनील कुमार यादव, श्रमायुक्त श्री राजेश भारती सहित विभाग के वरीय अधिकारी उपस्थित थे।




