बिहार दौड़ रहा विकास की पटरी पर,तेजस्वी अटके हैं झूठ की राजनीति पर : संजय सरावगी!

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:- रवि शंकर अमित!

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार के विकास का रोडमैप पूरी तरह स्पष्ट, आर्थिक रूप से सशक्त है राज्य : संजय सरावगी

मजबूत खजाना,तेज़ विकास; प्रगति की पटरी पर दौड़ रहा है बिहार : संजय सरावगी*

11 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था की ओर बिहार,आर्थिक आंकड़े दे रहे गवाही : संजय सरावगी*

2.5 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले,सुशासन और विकास का राष्ट्रीय मॉडल बन रहा बिहार : संजय सरावगी

पटना, 14 जून।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री संजय सरावगी ने कहा कि बिहार का खजाना खाली नहीं है, बल्कि विकास और जनकल्याण की योजनाओं से समृद्ध है। आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़े बता रहे हैं कि खजाना नहीं, बल्कि तेजस्वी यादव का दिमाग तथ्यों और वास्तविकता से पूरी तरह खाली हो गया है।

बिहार की अर्थव्यवस्था आज विकास और आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों को छू रही है। बिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के आंकड़े स्पष्ट रूप से बताते हैं कि राज्य का आर्थिक प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर है और विपक्ष द्वारा राज्य के खजाने को खाली बताने का दावा पूरी तरह भ्रामक एवं तथ्यहीन है।

श्री सरावगी ने कहा कि वर्ष 2024-25 में बिहार का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) वर्तमान कीमतों पर 13.1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 9,91,997 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि राष्ट्रीय औसत मात्र 9.8 प्रतिशत रहा। स्थिर कीमतों पर भी बिहार ने 8.6 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की है। वर्ष 2025-26 में बिहार का GSDP 10.97 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जो राज्य की आर्थिक मजबूती और विकास की रफ्तार को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि यदि राज्य का खजाना खाली होता तो इतनी तेज़ विकास दर, रिकॉर्ड निवेश और बड़े पैमाने पर आधारभूत संरचना का निर्माण संभव नहीं होता। बिहार की कुल राजस्व प्राप्तियां 2020-21 के 1.28 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 2.18 लाख करोड़ रुपये हो गई हैं। कर राजस्व का हिस्सा 70 प्रतिशत से बढ़कर 84 प्रतिशत तक पहुंचना राज्य की बढ़ती वित्तीय आत्मनिर्भरता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार के विकास का रोडमैप पूरी तरह स्पष्ट तथा आर्थिक रूप से सशक्त है बिहार।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार में आधारभूत संरचना का अभूतपूर्व विकास हुआ है। पिछले दस वर्षों में रेलवे में वार्षिक निवेश 1,132 करोड़ रुपये से बढ़कर 10,066 करोड़ रुपये हो गया है। नई रेल लाइनों का विस्तार, वंदे भारत ट्रेनों का संचालन और सड़कों पर लगभग 4 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं बिहार के विकास की नई कहानी लिख रही हैं। औंटा-सिमरिया पुल जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं, जिससे क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है।

उन्होंने कहा कि बिजली क्षेत्र में नवीनगर और बक्सर जैसे बड़े ताप विद्युत परियोजनाओं के संचालन से ऊर्जा उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हो रहा है तथा केंद्र सरकार द्वारा बिहार को विशेष विकास योजनाओं का लाभ लगातार मिल रहा है।

श्री सरावगी ने कहा कि कृषि क्षेत्र में भी बिहार लगातार प्रगति कर रहा है। मखाना, लीची और मत्स्य उत्पादन में वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से लाखों मछुआरों को लाभ मिला है। उद्योगों में निवेश बढ़ रहा है और विभिन्न राष्ट्रीय रिपोर्टों में बिहार को देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे राज्यों में शामिल किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में 2.5 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे हैं। वर्ष 2005 से पहले बिहार भ्रष्टाचार, बदहाल आधारभूत संरचना और धीमी विकास दर के लिए जाना जाता था, जबकि आज एनडीए सरकार के नेतृत्व में बिहार लगातार दो अंकों के आसपास विकास दर दर्ज कर रहा है और राज्य की अर्थव्यवस्था 11 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े की ओर बढ़ रही है।

श्री सरावगी ने कहा कि बिहार की जनता विकास, सुशासन और जनकल्याण की राजनीति को समर्थन दे रही है। विपक्ष को निराधार आरोप लगाने के बजाय बिहार के विकास के इन ऐतिहासिक आंकड़ों का अध्ययन करना चाहिए। बिहार आज आत्मविश्वास के साथ विकसित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और एनडीए सरकार इस संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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