रिपोर्ट – रुपेश कुमार!
औरंगाबाद में भीषण सड़क हादसा: 102 निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा ने बचाई 22 से अधिक घायलों की जान
औरंगाबाद । बिहार के औरंगाबाद जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर रविवार देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे में आंध्र प्रदेश के तीन पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि 22 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों में कई की स्थिति गंभीर बताई गई है। हालांकि दुर्घटना की सूचना मिलते ही 102 निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा की तुरंत कार्रवाई के वजह से सभी घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आंध्र प्रदेश के नेल्लौर जिले से श्रद्धालुओं का एक दल धार्मिक यात्रा पर निकला था। यह दल पुरी, देवघर और बोधगया में दर्शन करने के बाद वाराणसी जा रहा था। इसी दौरान मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित भवानी लाइन होटल के समीप उनकी टूरिस्ट बस सड़क किनारे खड़े एक ट्रक-ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
हादसे की सूचना मिलते ही 102 निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा का कंट्रोल रूम सक्रिय हो गया। औरंगाबाद जिले के क्लस्टर लीडर (CL) कवि राज ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू कराया। उन्होंने आसपास के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और सदर अस्पताल से लगभग 12 एम्बुलेंसों को घटनास्थल पर भेजा। कुछ ही समय में एम्बुलेंस और स्वास्थ्यकर्मी मौके पर पहुंच गए तथा घायलों को प्राथमिक उपचार देते हुए अस्पताल पहुंचाने का कार्य शुरू किया।
102 एम्बुलेंस सेवा के ईएमटी और पायलटों ने अत्यंत समर्पण के साथ राहत कार्य संचालित किया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को पहले सदर अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए गया स्थित मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार समय पर चिकित्सा सहायता मिलने के कारण कई गंभीर घायलों की जान बचाई जा सकी।
दुर्घटना में आंध्र प्रदेश के तीन यात्रियों की मृत्यु हो गई, जबकि अन्य घायलों का इलाज जारी है। चिकित्सकों का कहना है कि हादसे के बाद का पहला घंटा मरीजों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। 102 निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा के तेज रिस्पॉन्स और प्रभावी समन्वय के कारण घायलों को इसी महत्वपूर्ण समय में अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उपचार शीघ्र शुरू हो सका।
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों, पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर बचाव अभियान चलाया। बस में फंसे कई यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस और ट्रक को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और चालक की असावधानी को दुर्घटना का संभावित कारण माना जा रहा है।
इस संबंध में 102 निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा से जुड़े ऑपरेशन मैनेजर धर्मेन्द्र कुमार ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देना सेवा की प्राथमिकता है। औरंगाबाद की इस घटना में एम्बुलेंस नेटवर्क, प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों और स्थानीय प्रशासन के बेहतर समन्वय का सकारात्मक परिणाम देखने को मिला।
जेन प्लस और राज्य सरकार के सहयोग से 102 निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा संचालित हो रही है। यह सेवा राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। औरंगाबाद की इस दुखद घटना में भी सेवा की तत्परता और प्रभावी प्रबंधन के कारण बड़ी संख्या में घायलों को समय पर इलाज मिल सका, जिससे कई परिवारों को अपने प्रियजनों को सुरक्षित वापस पाने की उम्मीद मिली।



